घर-घर बिजली पहुंचाने के मद्देनजर पावर कॉर्पोरेशन ने सुगम संयोजन के नाम से एक ऐसी योजना लांच की है जिससे 250 मीटर दूर अगर किसी गांव में बिजली जल रही है और बगल वाले गांव या मजरे में बिजली नहीं है तो वहां के 15 लोग बिजली कनेक्शन लेकर अपने गांव-घर मे बिजली का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं।
लेकिन शर्त इतनी है कि उन्हें जो बिजली 250 मीटर दूरी मे बिजली के तार-खंभे खींचकर दी जाएगी, वह एलटी (लो-टेंशन 440 वोल्ट) से जुड़ी होगी। क्योंकि इस योजना में एचटी लाइन से ट्रांसफार्मर जोड़कर बिजली दिए जाने का कोई नियम नहीं है।
चोरी से बिजली जलाने की प्रथा को पूरी तौर पर खत्म किए जाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन एक के बाद एक ऐसी स्कीमें लेकर आ रहा है, जो न सिर्फ लोक लुभावनी हैं, बल्कि लोगों को भी काफी भा रही हैं। इसी कड़ी में किसी विद्युतीकृत गांव/मजरे से अगर कोई गांव या मजरा ऐसा है, जहां बिजली नहीं है और वहां के 15 लोग बिजली कनेक्शन लेने के इच्छुक हैं, तो ऐसे गांव तक बिजली के पहुंचाने की जिम्मेदारी पावर कॉर्पोरेशन की होगी।
बशर्ते विद्युतीकृत गांव/मजरे से गैर विद्युतीकृत गांव/मजरे की अधिकतम दूरी 250 मीटर ही होनी चाहिए। क्योंकि अधिकतम दूरी 250 मीटर होने पर ही पावर कॉर्पोरेशन एक गांव से दूसरे गांव तक बिजली के लिए पांच खंभों की लाइन बनाकर लोगों को बिजली देगा।
बता दें कि पावर कॉर्पोरेशन में बिजली के खंभे से 40 मीटर दूर ही बिजली कनेक्शन दिए का प्राविधान वर्षों से चला आ रहा है। बावजूद इसके एलटी लाइन से कई सौ मीटर दूर रह रहे लोग भी बिजली का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में इन सभी लोगों को पावर कारपोरेशन ने नियमित उपभोक्ता बनाए जाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है।
ताकि अभी जो लोग बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार खींचकर अपने घर की बत्ती जला रहे हैं, वह सारे लोग बिजली का नियमित कनेक्शन लेकर स्थाई उपभोक्ता की श्रेणी मे आ जाएं। इससे न सिर्फ बिजली की चोरी रुकेगी, बल्कि एक कॉर्पोरेशन गांव से 250 मीटर दूर बसे गैर कॉर्पोरेशन गांव व मजरे में रह रहे लोग भी बिजली का लुत्फ उठा सकेंगे। हालांकि इस योजना में 250 मीटर दूर बसे किसी गांव को एचटी लाइन से ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली दिए जाने का कोई प्राविधान नहीं है।
एकमुश्त बिजली के 15 कनेक्शन लेने पर उपभोक्ताओं से सिस्टम लोडिंग चार्ज के नाम पर प्रति कनेक्शन लिया जाने वाला 50 रुपया नहीं लिया जाएगा। यानि वह 1280 रुपए देकर बिजली कनेक्शन ले सकेगा। साथ ही अगर इतनी रकम उसके पास एकमुश्त नहीं है तो पहली बार 80 रुपए और फिर 100-100 रुपए के हिसाब से उसे 1200 रुपए 12 मगीने में देने होंगे।
सुमग संयोजन योजना केवल एलटी लाइन से 250 मीटर दूर रह रहे लोगों को बिजली देने के लिए ही है। इसलिए इसमें ग्रामीण क्षेत्र के अनमीटर्ड मजरों व शहरी क्षेत्र की अविकसित कालोनियों को शामिल नहीं किया गया है।