त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार मतदाताओं की संख्या घटने व बढ़ने को लेकर अब तक आधा दर्जन स्थानों पर मारपीट व फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं।
सूची प्रकाशन के बाद 20 अगस्त से आपत्तियों की मांग की गई थी। इसके बाद उसके निस्तारण की व्यवस्था की गई। सोमवार को जिले भर की ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की एक लाख 54 हजार आपत्तियां आई थीं, जिनका निस्तारण कर कंप्यूटर को लॉक कर दिया गया।
अब अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन पांच सितंबर को होगा। एक से चार सितंबर तक इसमें लगे कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रशिक्षण होगा।
वर्ष 2010 में पंचायत चुनाव के दौरान करीब 21 लाख मतदाता थे। इस बार मतदाता पुनरीक्षण में करीब 23 लाख वोटर हो गए। इसमें कुछ फर्जी तरीके से बढ़ाए गए तो कुछ के नाम काट दिए गए।
20 अगस्त से आयीं आपत्तियों के निस्तारण के लिए एसडीएम के नेतृत्व में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल एवं सभी बीएलओ को लगाया गया था। निस्तारण के बाद मतदाताओं के नामों की फीडिंग का कार्य एनआईसी में चलता रहा।
अंतिम दिन निस्तारण के बाद कंप्यूटर को लॉक कर दिया गया। देर रात तक मतदाताओं की पूरी संख्या ज्ञात हो सकेगी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि करीब दो लाख मतदाताओं की संख्या इस बार अधिक है।
अपर जिलाधिकारी त्रिलोकी सिंह ने बताया कि पांच सितंबर को अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद इसमें लगे अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण होगा।