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अब ऑनलाइन होगी कोरोना स्क्रीनिंग की ट्रैकिंग

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गोंडा। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए रोजाना जिलेवार दिनभर मानीटरिंग की जा रही है। अब कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए शासन की ओर से एक कदम और बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की अन्य योजनाओं की तरह ही कोरोना की भी ऑनलाइन रिपोर्टिंग होगी, जिससे किसी स्तर पर होने वाली लापरवाही का पता लगाया जा सके। शनिवार को इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय सभागार में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया।
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ऑनलाइन रिपोर्टिंग के लिए अलग से प्लेटफार्म बनाया गया है, जिसे कोविड-19 सर्विलांस प्लेटफार्म का नाम दिया गया है। शनिवार को जिले के सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से आरबीएसके योजना के तहत तैनात एक-एक डॉक्टर को जिला मुख्यालय बुलाकर प्रशिक्षित किया गया। ऑनलाइन पोर्टल और एप के माध्यम से स्क्रीनिंग करने वाली टीम और सीएचसी के नोडल इससे अपनी रिपोर्ट को ऑनलाइन ही फीड कर सकेंगे।
इससे जहां एक ओर सूचनाओं के आदान-प्रदान में आसानी होगी वहीं मानीटरिंग की व्यवस्था में भी सुधार होगा। इससे कहीं किसी स्तर पर कोई कमी होने पर तुरंत ही एक्शन लिया जा सकेगा। अभी तक स्क्रीनिंग की रिपोर्टिंग ऑफलाइन होती थी। जिससे शासन स्तर पर इसकी सूचना भेजने में देर लगती थी। टेक्निकल सपोर्ट यूनिट की ओर से इन डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है।
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शासन चाहे कोरोना संक्रमण को गंभीरता से ले रहा हो लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर कितना गंभीर है, इसमें संदेह है। शनिवार को कोविड-19 सर्विलांस प्लेटफार्म के बारे में रिपोर्टिंग को लेकर प्रशिक्षण देने के लिए सभी सीएचसी से एक-एक डॉक्टर को बुलाया गया था। मगर प्रशिक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की गई। सभी को ऑनलाइन पोर्टल का लिंक और एप का लिंक देकर भेज दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोरोना की जांच के लिए कुल 66 लोगों का सैंपल लखनऊ भेजा गया है। इनमें से कुल 43 लोगों की रिपोर्ट आ गई है। ये सभी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। शुक्रवार शाम तक 23 सैंपल भेजे गये हैं, उनकी रिपोर्ट आनी शेष है। बता दें कि शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक रोजाना पर्याप्त सैंपल भेजने हैं।
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत तैनात चिकित्सक ही अभी तक प्रशिक्षण से अछूते थे। ऐसे में शनिवार को उन्हें ट्रेनिंग दी गई है। अब कोविड-19 की पूरी प्रगति रिपोर्ट और स्क्रीनिंग का डाटा सीधे ऑनलाइन अपलोड किया जा सकेगा। सीएचसी और जिला अस्पताल की फीवर क्लीनिक में आने वाले संदिग्धों की स्क्रीनिंग और सैंपलिंग कराने के निर्देश दिये गये हैं।
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