गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से डुप्लीकेट वोटरों के सत्यापन व फीडिंग में सुस्त रवैये को लेकर डीएम प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। गोंडा सदर, तरबगंज और करनैलगंज एसडीएम व तहसीलदार को नोटिस जारी कर 19 फरवरी तक स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मंगलवार को अमर उजाला के माई सिटी में अब तक सिर्फ दो लाख नामों की हो सकी जांच शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसमें कुल डुप्लीकेट मतदाताओं के सापेक्ष फीडिंग व जांच में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए थे। डीएम प्रियंका निरंजन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सदर, करनैलगंज और तरबगंज के एसडीएम व तहसीलदार से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही निर्धारित समय सीमा में फीडिंग के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक इन तहसीलों में सिर्फ 10 फीसदी मतदाताओं का ही सत्यापन व फीडिंग हो सकी है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर बीडीओ को नोडल बनाया गया है। तहसील स्तर पर फीडिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पंचायत की मतदाता सूची को निर्विवाद रूप से तैयार करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मनकापुर तहसील को छोड़कर अन्य स्थानों पर अधिकारियों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। डीएम की सख्ती के बाद अधिकारियों ने डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच व फीडिंग के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।
तीन दिनों में 7.96 लाख मतदाताओं की नहीं हुई फीडिंग
राज्य निर्वाचन आयोग ने तहसील स्तर पर फीडिंग के लिए 20 फरवरी तक का समय दिया है, लेकिन अभी तक 7,96,307 डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच व फीडिंग नहीं हो सकी है। इसमें सदर तहसील में 2,38,623, तरबगंज में 2,35,136, करनैलगंज में 2,30,628 और मनकापुर में 91,920 मतदाताओं की जांच व फीडिंग बाकी है।