चालू गन्ना पेराई सत्र में बजाज चीनी मिल इटईमैदा करीब 35 हजार किसानों के मूल्य का भुगतान 13 दिसम्बर से नहीं कर सकी है। मिल को 65 करोड़ का भुगतान नहीं करने के आरोप में दूसरी नोटिस जारी की गई। यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के मुताबिक डीएम ने बीते दिन पेराई सत्र 2015-16 में जिले की तीनों चीनी मिलों द्वारा खरीदे गए गन्ना मूल्य के भुगतान संबंधी समीक्षा की।
जिला गन्ना अधिकारी ने डीएम को बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा गत 13 दिसम्बर से चालू सत्र में खरीदे गए गन्ने के मूल्य का भुगतान नहीं कर सकी है।
बजाज चीनी मिल ने चालू सत्र में क्षेत्र के करीब 35 हजार किसानों से 70 करोड़ 36 लाख रुपये के गन्ने की खरीद की है। बजाज चीनी मिल ने गन्ना मूल्य के सापेक्ष अभी तक मात्र पांच करोड़ 50 लाख रुपये का ही भुगतान किया है।
डीएम के निर्देश पर बजाज चीनी मिल के खिलाफ बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में गुरुवार को दूसरी नोटिस जारी की गई है। इससे पहले भी भुगतान न करने पर मिल को नोटिस दी गई थी।
सभी चीनी मिलें सामान्य श्रेणी के गन्ना मूल्य का प्रति क्विंटल 230 रुपये और अगेती प्रजाति के गन्ना मूल्य का 240 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान कर रही हैं।
सभी मिलों को निर्धारित कैलेण्डर के अनुरूप भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। भुगतान करने में लापरवाही बरतने वाली मिलों के खिलाफ डीएम ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक बलरामपुर चीनी मिल और शुगर कंपनी तुलसीपुर ने पांच जनवरी तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।
बलरामपुर मिल ने 124 करोड़ 65 लाख रुपये के सापेक्ष 80 हजार किसानों का 68 करोड़ 99 लाख रुपये का और शुगर कंपनी तुलसीपुर ने 65 करोड़ के सापेक्ष 35 हजार किसानों का 38 करोड़ 33 लाख रुपये का भुगतान किया है।