गोंडा। पटरी दुकानदारों की बेहतरी के लिए 31 दिसंबर 2024 को जिलाधिकारी डॉ. नेहा शर्मा ने लखनऊ हाईवे पर सिंचाई डाक बंगला वाले इलाके को वेंडिंग जोन में शामिल करने का एलान किया था। इसी बीच सरयू नहर विभाग की ओर से 40 दुकानदारों को अवैध बताते हुए नोटिस दिया गया है। विधिक कार्रवाई की चेतावनी के साथ दुकान संचालन से जुड़े अभिलेख तलब किए गए हैं। इससे दुकानदार असमंजस की स्थिति में हैं।
प्रशासन ने बीते साल जनवरी महीने में वेंडिंग जोन योजना तैयार की थी। 91.31 लाख की एक योजना भी तैयार की थी, जिससे दुकानदारों के लिए दुकान बनाने और उन्हें आवंटित करने का खाका खींचा था। इसमें सिंचाई विभाग की बाउंड्री से लगी दुकानों के संचालक भी शामिल थे। लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही यह योजना लटक गई और अब एक बार फिर डीएम ने इस पहल को आगे बढ़ाने का एलान किया। उन्होंने वेंडिंग जोन की स्थापना कराने के लिए नगर पालिका परिषद को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इससे पटरी दुकानदारों को अच्छे दिन आने की उम्मीद जगी थी।
इसी दौरान शुक्रवार को सरयू नहर खंड - चार की ओर से दुकानदारों को नोटिस थमा दिया गया। अधिशासी अभियंता दुर्गेश गर्ग ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि अवैध तरीके से लोगों ने दुकान बना ली है। मुख्य अभियंता के आवास के गेट पर ही कब्जा कर रखा गया है, इसलिए सभी दुकानदारों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया है।
प्रशासन से बिना अनुमति क्यों दिया नोटिस
दुकानदार दिनेश ने कहा कि प्रशासन ने वेंडिंग जोन घोषित किया है, इसकी जानकारी दी गई है। बीते दिनों नगर पालिका परिषद की ओर से वीडियो रिकॉर्डिंग करके सर्वे भी किया गया। इसके बाद भी बिना प्रशासन की अनुमति के नोटिस दिया जाना कहां तक उचित है। कांग्रेस नेता प्रमोद मिश्र ने कहा कि इस मुद्दे पर जिलाधिकारी से भेंट करके बात की जाएगी। दुकानदारों की काफी उम्मीदें हैं।