गोंडा। स्मार्ट मीटर का निगेटिव बैलेंस जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है। निगेटिव बैलेंस जमा करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं की बिजली तीसरे दिन भी बाधित बनी रही। बिजली न आने से कारोबार के साथ ही अन्य कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। इसकी शिकायत के लिए पावर कॉर्पोरेशन के दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भुगतान करने के बाद भी सिस्टम अपडेट नहीं होने से लोगों को परेशानी उठाना पड़ रही है।
झंझरी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के बहराइच रोड प्रजापतिपुरम निवासी विनय कुमार प्रजापति ने बताया कि उनकी फोटो कॉपी और स्टेशनरी की दुकान है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे अचानक बिजली कट गई। दिनभर इन्वर्टर के सहारे काम चलता रहा, लेकिन शाम तक बिजली नहीं आई। ऊर्जा सेवा ऐप पर चेक करने पर 5041.82 रुपये निगेटिव बैलेंस दिखा। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम करीब छह बजे 5500 रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बाद भी बिजली नहीं जुड़ी। 1912 पर शिकायत दर्ज कराने पर जल्द अपडेट होने की बात कही गई।
सोमवार को झंझरी उपकेंद्र पहुंचे तो उन्हें अंबेडकर चौराहा स्थित एसडीओ कार्यालय भेज दिया गया। वहां बैलेंस शून्य होने की जानकारी दी गई, लेकिन इसके बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई। उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ से संपर्क किया गया है।
सरकारी काउंटर बंद, सीएससी पर निर्भर उपभोक्ता
नवाबगंज क्षेत्र के विश्नोहरपुर विद्युत उपकेंद्र पर पिछले कई दिनों से बिल जमा करने का काउंटर बंद है। ऐसे में स्मार्ट मीटर में निगेटिव बैलेंस होने पर उपभोक्ताओं को सीएससी के माध्यम से भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे बिल अपडेट होने में देरी हो रही है। उपभोक्ता रजिया बेगम, गुलफाम और मुट्ठीगंज के अमित गुप्ता ने बताया कि भुगतान करने के बाद भी बिजली सप्लाई चालू होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एसडीओ पीयूष सिंह ने बताया कि तकनीकी कर्मियों की ड्यूटी सब स्टेशनों पर एसएसओ के रूप में लगाई गई है, जिसके चलते जमा काउंटर बंद है। बिल जमा कराने के लिए सीएससी संचालकों की व्यवस्था की गई है।
समस्या समाधान के दिए निर्देश
मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि निगेटिव बैलेंस होने पर बिजली काटी जा रही है, लेकिन भुगतान के बाद तत्काल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। स्मार्ट मीटर संचालित करने वाली एजेंसी से संपर्क कर उपभोक्ताओं की समस्या दूर कराई जा रही है।