गोंडा। भाई के फर्जी सहमति पत्र के आधार पर मृतक पिता के स्थान पर नौकरी हासिल करने के मामले में आरोपी लेखपाल का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ढोढ़ेपुर निवासी गिरिजा शंकर तिवारी ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता त्रिलोकीनाथ तिवारी सदर तहसील में लेखपाल थे। सेवाकाल में ही 31 जुलाई 2020 को उनकी मृत्यु हो गई। बड़ा पुत्र होने के कारण उन्होंने अंतिम संस्कार किया और पितृशोक व मानसिक पीड़ा से निवृत्त होने पर भाइयों व अन्य परिजनों की सहमति पर उन्होंने 20 दिसंबर 2020 को जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति देने की याचना की। इस बीच पता चला कि उनके भाई त्रियंबक नाथ तिवारी ने बिना उनकी और मां की सहमति के चोरी-छिपे सात सितंबर 2020 को प्रार्थनापत्र देकर मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हथिया ली। त्रियंबक ने उनके फर्जी हस्ताक्षर से एक कूटरचित अनापत्ति पत्र तैयार कर जिलाधिकारी के यहां प्रस्तुत किया। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और साक्ष्य न मिलने की बात कहकर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दिया। मगर अदालत ने अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर पुनर्विवेचना का आदेश दिया। मामले में सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, साक्ष्य व अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने आरोपी त्रियंबक नाथ तिवारी का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।