एक साल में दूसरी बार हुए इस उपद्रव के लिए जो अफसर जिम्मेदार रहे, वे बचते रहे। राजनीतिक दखलंदाजी व नेताओं की ड्योढ़ी चूमने वालों पर अधिकारी भी कार्रवाई से डरते रहे। बीते वर्ष दशहरा के दिन हुए शहर में उपद्रव में भी भारी क्षति हुई थी।
उस समय मौजूदा डीएम अजय कुमार उपाध्याय व नगर के पुलिस इंस्पेक्टर शिवपति सिंह तैनात थे। घटना की पुनरावृत्ति होने पर भी इन दोनों की ही तैनाती है।
हालांकि पिछली बार प्रशासन की सूझबूझ से मामला आगे बढ़ने से रुक गया था, लेकिन इस बार तो हद हो गई। दुकानों में लूटपाट होती रही और उपद्रवी दुकानों, मोटरसाइकिलों व अन्य सामानों को आग के हवाले करते रहे, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर सकी।
जब सब कुछ आग के हवाले हो गया, तब जाकर प्रशासन के लोग पहुंचे। रात में मौके पर पहुंचे आईजी जोन व पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर को क्लीन चिट दे दी और कौड़िया थाने के एसओ, बड़गांव चौकी के प्रभारी दिग्विजय शाही व कौड़िया थाने के हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।
जबकि घटनास्थल के पास की महराजगंज पुलिस चौकी, पांडेय खास चौकी व नगर क्षेत्र की कोतवाली के लोग बचा दिए गए।