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Gonda News: नौ धार्मिक स्थलों का होगा पर्यटन विकास

Sun, 12 Oct 2025 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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नवाबगंज के महंगूपुर ​स्थित भगवान कपिल आश्रम। - संवाद 
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गोंडा। जिले के नौ धार्मिक स्थलों के विकास की मुहिम तेज हो गई है। जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद इन धार्मिक स्थलों के विकास के लिए आगणन तैयार करा रहा है। साथ ही, संबंधित तहसील के एसडीएम से आख्या मांगी गई है। आगणन शासन को भेजा जाएगा। बजट जारी होते ही विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। इससे धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास भी होगा।
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कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह ने तरबगंज के दूधनाथ मंदिर कहरान के विकास के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा है। कटरा बाजार के विधायक बावन सिंह ने हलधरमऊ ब्लॉक के बरबटपुर स्थित हनुमान मंदिर के विकास के लिए प्रस्ताव दिया है। सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने श्रीरामजानकी मंदिर विश्नोहरपुर और मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी ने इटियाथोक ब्लॉक के मेहनौन स्थित मां पटमेश्वरी देवी मंदिर के पर्यटन विकास के लिए प्रस्ताव दिया है।
करनैलगंज विधायक अजय सिंह ने मनकापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवाबगंज ब्लॉक के महंगूपुर स्थित भगवान कपिलमुनि मंदिर व करनैलगंज तहसील के ग्राम सिंगरिया स्थित शृंगी ऋषि आश्रम के विकास का प्रस्ताव दिया है। तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने ग्राम थड़क्की पट्टी में ठाकुरद्वारा रामजानकी मंदिर शिवाला और गौरा विधायक प्रभात वर्मा ने तेजपुर के तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के विकास के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराया है। अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट सेवा ट्रस्ट अमदही के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने आश्रम के विकास के लिए अधिकारियों को पत्र भेजकर अनुरोध किया है।
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सांख्य दर्शन के प्रवर्तक हैं भगवान कपिल

विश्नोहरपुर। भगवान कपिल मंदिर परिसर सहित नदी के तट के विकास के लिए मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री ने शासन को एक माह पूर्व प्रस्ताव भेजा था। भगवान विष्णु के पंचम अवतार भगवान कपिल सांख्य दर्शन के प्रवर्तक हैं। वह ऋषि दंपती कर्दम-देवहुति की नौवीं संतान थे। सैकड़ों वर्ष पूर्व महंगूपुर गांव में कुटिला सरयू संगम तट पर प्रतिमा रूप में इनके अवतरण के शास्त्रीय प्रमाण मिलते हैं। कालांतर में सरयू तट पर मिली शिला से भी भगवान कपिल से जुड़ी कथाएं प्रचलित हैं। विकास की दृष्टि से यह स्थान उपेक्षित रहा है। कपिल कुंड, सत्संग स्थल को संरक्षित करने के लिए साफ-सफाई व नवनिर्माण के कुछ कार्य समिति ने कराए हैं। अपनी पहचान खो रहा यह स्थान पर्यटन विभाग की पहल से एक बार फिर जीवंत हो जाएगा।
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