गोंडा। शहर के लालबहादुर शास्त्री महाविद्यालय में नए सत्र से व्यवसायिक विषयों की पढ़ाई भी शुरू होगी। इसके तहत स्तानक में छह व परास्नातक में तीन नए पाठ्यक्रम का शिक्षण होगा। यूजी व पीजी में पहली बार स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम की पढ़ाई होने से विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा मिल सकेगी।
संचालित होने वाले सभी नए विषयों में 60-60 सीटों पर प्रवेश होंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह जानकारी लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में सोमवार को आयोजित एक वार्ता में उपाध्यक्ष वर्षा सिंह ने दी।
उन्होंने महाविद्यालय बताया कि नए सत्र से महाविद्यालय में बीबीए, बीसीए, बीएससी-गृह विज्ञान, बीएससी-कृषि एवं स्नातक स्तर पर कला संकाय के अंतर्गत गृह विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, बीए-गृह विज्ञान, शारीरिक शिक्षा सहित परास्नातक स्तर पर एमएससी वनस्पति विज्ञान, एमएससी जंतु विज्ञान और एमए शिक्षा शास्त्र के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम को शुरू किया जा रहा है।
महाविद्यालय के इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर विद्यार्थी अपना भविष्य संवार सकते हैं। प्रबंध समिति के सचिव उमेश शाह ने कॉलेज में शोध केंद्र, वाचनालय, ओपेन जिम, अभ्युदय योजना की कक्षाओं, कैंटीन, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं के बारे जानकारी दी।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत ने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत लगभग आठ हजार छात्र-छात्राओं को उच्चतर लक्ष्य की ओर अग्रसर करने के लिए प्रबंधन हर संभव कोशिश में जुटा है।
महाविद्यालय के मुख्य नियंता एवं स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान सत्र से कॉलेज में नए प्रवेशार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर आधारित सिस्टम के तहत अध्ययन करना होगा।
इस मौके पर महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी और हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र, सह सचिव कैलाश नाथ वर्मा, प्रबंध समिति सदस्य रविचंद्र त्रिपाठी, डॉ. बीपी सिंह समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।