गोंडा। नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मियों का कार्य बहिष्कार शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलेभर के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। इससे मेडिकल कॉलेज समेत सीएचसी-पीएचसी में जांच और टीकाकरण सहित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। मांगें पूरी न होने पर 12 अक्तूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई।
कार्यवाहक अध्यक्ष शिवपूजन द्विवेदी, महामंत्री विवेक कुमार सिंह और फखरे आलम ने कहा कि संविदा कर्मचारी 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। कोविड काल में भी उन्होंने जोखिम उठाकर काम किया लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कार्य बहिष्कार से टीबी उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं।
कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और नियमितीकरण होने तक सम्मानजनक वेतन वृद्धि की मांग की। इसके अलावा कर्मचारियों और परिजनों के लिए 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए, ग्रेच्युटी, नियमित भर्ती में कोटा और सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग उठाई।
धरने में विनोद वर्मा, राहुल त्रिपाठी, प्रतिमा सिंह, अखिलेश भारती, ज्योति गुप्ता, भारती यादव, मंजू शुक्ला, रोशनी सोनी, मोहित सिंह, अनिल वर्मा, शैलेंद्र त्रिपाठी, अर्पण पांडेय, ज्ञान सिंह, मनीष तिवारी, संदीप सिंह आदि कर्मचारी शामिल रहे।