गोंडा। जिला महिला अस्पताल में सिजेरियन के दौरान नवजात का पैर टूटने का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही व वसूली का आरोप लगाते हुए सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है। जांच के आदेश दिए गए हैं।
भुलभुलिया निवासी सरिता देवी ने सीएमओ को पत्र लिखकर बताया कि चार जुलाई को उनके परिवार की ममता देवी को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ ने तत्काल ऑपरेशन कराने का परामर्श दिया। ऑपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये जमा करवाए। ऑपरेशन के बाद बच्ची का जन्म हुआ लेकिन, उसका एक पैर हिल नहीं रहा था। जांघ तक सूजन थी।
बच्ची को हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाकर एक्सरे कराया गया, जिससे बच्ची के जांच की हड्डी टूटी मिली। बच्ची को प्लास्टर चढ़ाया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान बच्ची का पैर तेजी से खींचने के कारण हड्डी टूट गई है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि कोई सर्जन मासूम का पैर क्यों तोड़ेगा। फिर भी आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।