गोंडा। स्वास्थ्य महकमे में एक बार फिर से संवेदनहीनता सामने आई है। सीएचसी तरबगंज पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से शुक्रवार को प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। डिलिवरी के दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ गई तो स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रसूता को रेफर कर दिया। प्रसूता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शनिवार को प्रसूता के परिजन नवजात का शव लेकर शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। परिजनों ने एसपी से मिलकर शिकायत की। एसपी ने शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ पूरे मामले की जांच सीओ तरबगंज को सौंपी है।
तरबगंज थाना क्षेत्र के करणीपुर पंडित पुरवा निवासी दद्दन यादव के मुताबिक, उसने पत्नी कुसुमा को 24 फरवरी की दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी तरबगंज में भर्ती कराया था। आरोप है कि डिलीवरी के दौरान ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। प्रसूता की हालत बिगड़ गई तो स्वास्थ्य कर्मियों ने रेफर कर दिया। दद्दन यादव का आरोप है कि डिलीवरी से पहले पत्नी की हालत को देखते हुए उसने कई बार रेफर की फरियाद की, लेकिन स्टाफ नर्स सुरक्षित डिलीवरी कराने का भरोसा दिलाती रही। आखिर में उसकी लापरवाही से बच्चे की जान चली गई।
पत्नी की हालत खराब होने पर उसे रेफर किया गया और वह उसे लेकर रगड़गंज के एक निजी अस्पताल पहुंचा तो डाक्टरों ने बताया कि प्रसूता की अंदरूनी नसें फट गई हैं। दद्दन यादव का कहना है कि लापरवाही की शिकायत लेकर थाने और सीओ के कार्यालय पर गया, लेकिन किसी ने उसकी शिकायत नहीं सुनी।
शनिवार को दद्दन अपनी मां के साथ नवजात के शव को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा। एसपी से पूरी बात बताई। एसपी आकाश तोमर ने मामले की गंभीरता को देते हुए नवजात का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही सीओ संसार सिंह राठी को मामले की जांच सौंपी है।
सीएचसी अधीक्षक तरबगंज धीरज तिवारी का कहना है कि प्रसूता को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया था।
पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर का कहना है कि तरबगंज सीएचसी में नवजात की मौत के मामले की जांच सीओ तरबगंज को सौंपी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।