गोंडा के पीएचसी पूरे तिवारी खोरहंसा में मरीज का उपचार करते चिकित्सक। -संवाद
गोंडा। मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच व विशेषज्ञों से उपचार की सुविधा दिलाने का दावा करते हुए प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जनआरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है लेकिन, इसकी जमीनी हकीकत दावे से बिल्कुल इतर है। यहां न तो मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार मिलता और न ही जरूरी जांचों की सुविधा मिल पाती। पेश है जन आरोग्य मेले की रिपोर्ट:
विशेषज्ञ नहीं आयुष डॉक्टर ने किया इलाज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकरी में अपराह्न 12:45 बजे 32 मरीजों का पंजीकरण कर उपचार किया जा चुका था। यहां कोई एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं थे, आयुष चिकित्सक डाॅ. अनूप तिवारी ने मरीजों का उपचार कर आरोग्य मेले की खानापूर्ति की। जबकि दूसरी आयुष चिकित्सक डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव नदारद थीं। चार मरीजों की हीमोग्लोबिन व मलेरिया की जांच एलटी रोहन यादव ने की।
सप्ताह भर से आ रहा बुखार व खांसी
अर्बन पीएचसी आईटीआई में पूर्वाह्न 11:26 बजे पहुंचे चुंगी नाका निवासी बुजुर्ग सैयदन ने डॉक्टर से कहा कि एक सप्ताह से बुखार के साथ खांसी आ रही है। एक बार दवा लेकर गई लेकिन, कोई भी फायदा नहीं हुआ। डॉक्टर ने दवा बदलकर दी। कहने के बाद भी कोई जांच नहीं कराई। घोसियाना की समशिदा को एक महीने से कान में दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने पांच दिनों की दवा दे दी। गायत्रीपुरम के अरविंद को बुखार आ रहा था, बिना कोई जांच कराए मरीज को दवा लिख दी गई। इसी तरह पेट दर्द से पीड़ित रहमान समेत 12 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. पीपी पांडेय ने बताया कि बलगम का सैंपल लेने की व्यवस्था है। विशेष लक्षण दिखने पर सैंपल लेकर जांच कराई जाती है।
न डॉक्टर मौजूद न ही लैब टेक्नीशियन
पीएचसी नहवा परसौरा में अपराह्न 01:00 बजे में आयुष चिकित्सक अरकान खान ने 38 मरीजों का उपचार कर एलौपैथिक दवाएं लिखीं। लेकिन जांच की सुविधा नहीं मिली। परसौरा से पत्नी का इलाज कराने आए दृगपाल ने बताया कि पहले जांच होती थी, लेकिन कई महीनों से बंद है। डॉ. अरकान ने बताया कि एलटी व एलए का पद खाली होने के कारण जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरे तिवारी खोरहंसा में 12 बजकर 55 मिनट तक 135 मरीजों का उपचार किया गया था। चिकित्साधिकारी डॉ. त्रिपुरेष गर्ग ने उपचार किया। एलटी पीयूष मिश्र से आठ मरीजों की जांच की। पीएचसी पिपरी में डॉ. नेहा तिवारी व डॉ. नीना खुराना ने इलाज किया। सात गर्भवती समेत 41 मरीजों का उपचार किया गया। पीएचसी पूरे तिवारी पर डॉ. दीपक कुमार, अभिनव सिंह, सुमन आदि ने जांच व उपचार किया। पीएचसी धनावा में दोपहर एक बजकर 30 मिनट तक 17 मरीजों का पंजीकरण कर उपचार किया गया। यहां डॉ. अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि ज्यादातर मरीज मौसम जनित बीमारी से पीड़ित थे।