सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को तमाम चिकित्सक मुहैया कराए। इसके बावजूद सीएचसी परसपुर से संबद्ध पीएचसी त्योरासी में आज तक किसी डॉक्टर की पोस्टिंग नहीं की गई।
हालत यह है कि लाखों रुपये की लागत से बने इस पीएचसी में न तो किसी डॉक्टर की तैनाती है और न ही अन्य स्टाफ की। इससे आए दिन इस पीएचसी में ताला लगा रहता है। इसके कारण यहां उपचार की आस में आने वाले मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है।
वहीं, इस अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी एक फार्मासिस्ट को सौंप दी गई है, जो कभी-कभार ही पीएचसी आते हैं। परसपुर से बालपुर जाने वाले मेन रोड पर लाखों रुपये की लागत से बने पीएचसी त्योरासी का निर्माण 20 साल पहले हुआ था, जो फिलहाल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
पीएचसी के मेन गेट पर जब देखो ताला लगा रहता है। जबकि यहां चिकित्सीय स्टाफ के नाम पर केवल एक फार्मासिस्ट ही तैनात है, जो कभी-कभार ही यहां आते हैं। त्योरासी गांव के लोगों की मानें तो हफ्ते में एक या दो दिन ही इस पीएचसी का गेट खुलता है।
सीएचसी परसपुर के अधीक्षक डॉ. एससी द्विवेदी का कहना है कि पीएचसी त्योरासी में किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। इसलिए यहां की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट को दी गई है। पीएचसी में स्टाफ से लेकर डॉक्टर की तैनाती तक का प्रकरण उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है।