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लापरवाही : यहां तो बायोमीट्रिक से लग रही हाजिरी, धड़ल्ले से खुल रहे मॉल व जिम

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गोंडा में गुरुनानक चौराहे के समीप खुला रहा शापिंग मॉल - फोटो : GONDA
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गोंडा। कोरोना के प्रति जहां सरकार और प्रशासन सतर्कता का दम भर रहा है वहीं कई विभागों की लापरवाही अब उनके कर्मचारियों पर भारी पड़ने वाली है। हाल ये है कि सीधे मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी अभी भी कई विभागों के अधिकारी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। खुद बंद कमरों में बैठकर केवल निर्देश दे रहें है। अधिकारियों की संवेदनहीनता के चलते कई विभागों में कर्मचारियों को जबरन अवकाश के बावजूद काम पर बुलाया जा रहा है। खास बात ये है कि लोगों के सेहत की रखवाली का जिम्मा रखने वाला स्वास्थ्य विभाग खुद सबसे अधिक लापरवाह बना हुआ है।
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बता दें कि 17 मार्च को मुख्य सचिव की ओर से निर्देश में साफ कहा गया था कि सभी कार्यालयों में बायोमीट्रिक से हाजिरी को तुरंत रोक दिया जाय। लेकिन जिले के स्वास्थ्य विभाग में बायोमीट्रिक से हाजिरी लेकर कर्मचारियों की सेहत से खिलवाड़ बदस्तूर जारी है। ये हाल तब हैं कि जब डीएम डॉ. नितिन बंसल लगातार स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के लिए निर्देश दे रहे हैं। शहर में मौजूद शॉपिंग माल हो या फिर जिम सभी पर रोक के बाद भी रोजाना खुल रहे हैं।
कस्तूरबा स्कूल में बच्चों के साथ आना मजबूरी
जिले में सभी स्कूल और कालेजों के साथ सभी शिक्षण संस्थान 2 अप्रैल तक बंद कर दिये गये हैं। यहां तक कि स्कूलों और कालेजों की परीक्षायें भी रोक दी गई हैं। लेकिन इसके बाद भी कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय और राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई तो रोक दी गई, लेकिन शिक्षकों और शिक्षिकाओं को अब स्कूल बुलाया जा रहा है। कस्तूरबा स्कूलों में कई शिक्षिकायें अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ आने के लिए मजबूर हैं।
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महाविद्यालयों में भी अवकाश नहीं
प्रशासन के निर्देश और अवध विश्वविद्यालय के निर्देश के बाद भी जिले का प्रमुख महाविद्यालय लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज में छात्रों की तो छुट्टी कर दी गई है। लेकिन कॉलेज के स्टाफ को अभी भी बुलाया जा रहा है। इस बारे में स्नातक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि विद्यालय में पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे यदि विद्यालय का कोई प्रोफेसर या फिर स्टाफ संक्रमण की चपेट में आ सकता है। उन्होंने कहा कि गंभीरता को देखते हुए स्टाफ को विद्यालय की उपस्थिति से मुक्त रखना चाहिए।
शासन स्तर से मिले निर्देशों के प्रति सभी विभागों के अफसरों को आदेश जारी किये गये हैं। कोरोना के प्रति लोगों को पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है। ऐसे में यदि कोई भी निर्देशों के प्रति लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। -डॉ. नितिन बंसल, जिलाधिकारी
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