गोंडा। नगर पालिका परिषद के नजूल संबंधी उर्दू अभिलेखों का अब हिंदी में अनुवाद कराया जा रहा है। इससे रिकॉर्ड की जांच और नकल जारी करने में कर्मचारियों को सुविधा होगी। पालिका प्रशासन ने इसके लिए दो उर्दू अनुवादकों को जिम्मेदारी सौंपी है।
नगर पालिका में तैनात उर्दू अनुवादक जमींदार खां के एक साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद नजूल अभिलेखों को पढ़ने के लिए दूसरे विभागों से अनुवादक बुलाने पड़ते थे। इससे नकल जारी करने, आवेदनों और शिकायतों की जांच में देरी होती थी। कर निर्धारण अधिकारी रत्नेश यादव ने बताया कि दो उर्दू अनुवादक अभिलेखों का हिंदी में अनुवाद कर रहे हैं। इसी माह के अंतिम सप्ताह तक काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद अधिकारियों की टीम अनुवादित रिकॉर्ड की जांच करेगी। सही पाए जाने पर उसे अभिलेखों में शामिल किया जाएगा। (संवाद)