गोंडा। शहर के उतरौला रोड़ पर सोनी गुमटी ओवरब्रिज निर्माण का निरीक्षण करने के साथ ही जल जीवन मिशन की समीक्षा जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दें और समय से कार्य पूरा कराएं।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम निर्माण इकाई से बन रहे ओवरब्रिज के पिलर व अन्य कार्यों के मानक को परखा। डीएम ने निर्देश दिए कि निर्माण के दौरान आमजन मानस के आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जाय। ताकि राहगीरों को किसी प्रकार की कोई समस्या न होने पाये।
एक्सईएन प्रांतीय खंड प्रमोद कुमार त्रिपाठी भी रहे। वहीं कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की समीक्षा की। जिले के 868 गावों में शुद्व पेयजल की व्यवस्था के लिए पानी की टंकियों के निर्माण का कार्य हो रहा है। जल जीवन मिशन के कार्यदायी संस्था एलएनटी, लोक सेवा मिशन तथा आईएसए संस्था से प्रगति की जानकारी किया।
बैठक में एक्सईएन जल निगम व एलएनटी के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी कार्यों का विभाजन करके संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाय। नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था एलएनटी को और मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे आदि रहे।
आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने की बनी रणनीति - जिले के 32 पंचायतों में आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने पर मंथन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में हुई। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने तैयारियों की जानकारी किया और निर्देश दिया कि शीतलहर से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। लोगों को आर्थिक सहायता देने और कंबल का वितरण करने पर जोर दिया। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आपदा के समय जोखिम कम करने के लिए सर्तकता के बारे में लोगों को तैयार किया जा रहा है।