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Gonda News: दाग मिटाने में दस लाख का गबन कर दागदार हुई पालिका

Thu, 19 Jan 2023 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। नगर पालिका सबसे गंदे शहर का दाग मिटाने चली तो दामन पर भ्रष्टाचार का दाग लग गया। अपर तहसीलदार सदर अखिलेश कुमार की जांच में 10 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हो गई है। अब कार्रवाई के लिए रिपोर्ट नगर मजिस्ट्रेट को भेजी गई है।
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साल 2017 के स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट में देश के सबसे गंदे शहर के दाग मिला था। साल 2018- 2019 मेें बड़े स्तर पर नगर पालिका परिषद गोंडा ने अभियान चलाया। जिसमें 250 कूड़ेदान की खरीद जेम पोर्टल से करने का प्रस्ताव था। इन कूड़ेदानों को शहर के विभिन्न स्थानों पर रखा जाना था ताकि लोग कूड़ा इसी में डालेें। पालिका ने दावा किया कि सभी 250 स्थानों पर कूड़ेदान स्थापित हैं। लेकिन जांच में सिर्फ दो स्थानों पर दस कूड़ेदान ही मिले।

शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज और गांधी पार्क में ही कूड़ेदान था। इन पर भी जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में सवाल उठाए हैं कि यह काफी पुराने कूड़ेदान हो सकते हैं। यह तीन साल पुराने कूड़ेदान नहीं लग रहे हैं। आरोप है कि सिर्फ कागजों पर कूड़ेदान की खरीद हुई और दस लाख रुपये नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों की जेबों में चला गया।
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पूरे शहर में लगने थे कूड़ेदान
स्वच्छता के लिए पूरे शहर में कूड़ेदान स्थापित किए जाने थे। खरीद के बाद भी कूड़ेदान न रखे जाने से सफाई में काफी समस्या आ रही है। शहर के बस स्टॉप से लेकर आवास विकास तक कई स्थानों पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। जिससे साफ-सफाई करने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

पालिका ने टेंडर भी कराया और खुद ही दे दी स्वीकृति
नगर पालिका परिषद में कूड़ेदान की खरीद में हद दर्जे की मनमानी की गई। इसके लिए जेम पोर्टल से ईओ विकास सेन ने टेंडर कराया और खुद ही स्वीकृति भी दे दी गई। नियमों के तहत टेंडर की पत्रावली निकाय के प्रभारी अधिकारी से स्वीकृत करानी चाहिए थी। उस समय प्रभारी अधिकारी अपर जिलाधिकारी थे। इस पूरे मामले में नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ ही तत्कालीन ईओ विकास सेन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।


कूड़ेदान के मामले की जांच रिपोर्ट मिली है। उसका परीक्षण किया जा रहा है। प्रक्रिया और शासनादेश की समीक्षा करके कार्रवाई की जाएगी। अर्पित गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट
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