गोंडा। सपा कार्यकर्ता ओमप्रकाश हत्याकांड में शामिल एक आरोपी से सोमवार देर रात पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई है।
परसपुर के राजा टोला के रहने वाले सपा कार्यकर्ता ओमप्रकाश सिंह की राजा टोला के ही रहने वाले सभासद उदयभान सिंह उर्फ लल्लन से चुनावी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में बीते बृहस्पतिवार की दोपहर जब ओमप्रकाश अपने घर में सो रहे थे तभी आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें मरणासन्न कर दिया था। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ओमप्रकाश की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी नीलम ने उदयभान सिंह, उसके तीन पुत्र धर्मवीर सिंह उर्फ चंदन, बलवीर सिंह उर्फ नंदन, सूरज सिंह व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
हत्या के बाद से आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक दलों का पुलिस पर दबाव बढ़ने लगा। सपा के साथ ही कांग्रेस व अन्य संगठनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आरपार का ऐलान किया। इस बीच पुलिस ने रविवार को आरोपी धर्मवीर उर्फ चंदन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि हत्याकांड में बलगर पुरवा निवासी रोहित सिंह का नाम भी सामने आया। देर रात सूचना मिली कि आरोपी रोहित क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद सीओ करनैलगंज चंद्रपाल शर्मा के नेतृत्व में परसपुर पुलिस और एसओजी ने देर रात 02.50 बजे परसपुर-भौरीगंज मार्ग पर चिंता पंडित पुरवा के पास घेराबंदी कर ली। उधर से गुजरे रोहित को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगने से रोहित जख्मी हो गया। पुलिस टीम ने तुरंत उसे दबोच लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मौके पर बाइक, तमंचा व कारतूस बरामद हुआ है। रोहित को पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
मुख्य आरोपी व उसके बेटे गिरफ्त से दूर
ओमप्रकाश हत्याकांड का मुख्य आरोपी भाजपा सभासद उदयभान उर्फ लल्लन सिंह और उसके पुत्र बलवीर सिंह उर्फ नंदन व सूरज सिंह हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। कौन इन्हें बचा रहा है, पुलिस की जांच अब इस ओर भी बढ़ रही है।