बालपुर (गोंडा)। गोंडा-लखनऊ मार्ग पर मंगलवार शाम दुकान बंद करके घर जा रहे 22 वर्षीय किराना व्यापारी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गयी। कोतवाली करनैलगंज के बालपुर चौकी क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पास घटित इस सनसनीखेज घटना को गांव के ही दो सगे भाई अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ करनैलगंज की अगुवाई में पहुंची पुलिस टीम हत्यारों की धरपकड़ को जांच में जुट गयी। सरेशाम हुए इस हत्याकांड से पूरे गांव में आक्रोश व्याप्त है। तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गयी है।
कोतवाली करनैलगंज बटौरा बख्तावर निवासी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि उसका चचेरा भाई लवकुश सिंह (22) बस स्टाप पर किराने की दुकान करता था। मंगलवार शाम करीब आठ बजे दुकान बंद करके घर जा रहा था। हनुमान मंदिर के पास रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे गांव निवासी दो सगे भाई अरविंद कुमार सिंह व सुरेंद्र सिंह उर्फ छोटू ने दो अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर लवकुश पर हमला कर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। खून से लथपथ लवकुश चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागा। अभय ने बताया कि लवकुश दौड़ते हुए कह रहा था कि छोटू और अरविंद ने उसे मारा है। घटना स्थल से कुछ दूर बाद ही वह रास्ते में गिर गया। हो हल्ला सुनकर मौके पर जुटे लोगों ने लवकुश को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सरेशाम हुई इस सनसनीखेज हत्या की जानकारी के बाद सीओ करनैलगंज मुन्ना उपाध्याय व कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल शुरू की। हालांकि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक हत्या के किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पायी है। इसे गांव के लोगों में पुलिस की शिथिल कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है। आरोपी के परिवार सहित फरार हो जाने के बाद व्याप्त तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स भी गांव में तैनात कर दिया गया है। सीओ करनैलगंज मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि पुलिस की अलग अलग टीमें गठित कर आरोपियों की धरपकड़ में जुटायी गयी हैं।
पथरा गईं बुजुर्ग पिता की आंखें
लवकुश सिंह के पिता विनोद कुमार सिंह बदहवास हैं। उनके बुढ़ापे का सहारा छिन गया। लवकुश इकलौता बेटा था। उसकी हत्या हो जाने से उनकी आंखों से आंसू तक नहीं निकल रहे है। बेटे के गम में आंखें पत्थर बन गई हैं। लवकुश की मां की मौत काफी समय पहले हो गई थी। लवकुश को उसकी बड़ी मां किरण देवी ने पाला पोसा था। किरन सिंह की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही है।
सरकारी नौकरी चाहता था लवकुुश
लवकुश पढ़ने में काफी होनहार था। दुकान पर जब ग्राहक नहीं रहते तो हमेशा उसके हाथों में किताब ही रहती थी। परिवार में इकलौता होने के कारण काफी जिम्मेदारी थी इसलिए परिवार पालने के लिए किराने की दुकान करता था। साथ में पढ़ाई करके सरकारी नौकरी करना चाहता था। सभी यही कहता था कि नौकरी मिल जाए फिर शादी की जाएगी।
24 घंटे से लकीर पीट रही पुलिस
युवक की हत्या के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों का सुराग लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। आरोपियों को पकड़ने के बजाए वह उनका घर घेरे खड़ी है। घटना के बाद गांव में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हत्या आरोपियों का पूरा परिवार गांव से चंपत हो गया। इसे लेकर गांव के लोगों में पुलिस की शिथिल कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है।