गोंडा। शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन फटने से हर दिन हजारों लीटर पानी सड़क पर बह रहा है। पाइप लाइन बदलने के लिए 4.40 करोड़ रुपये का बजट नगर पालिका दबाए बैठा है। फोरलेन बनने के दौरान पाइप लाइन बदली गई और अब यह स्थिति काफी गंभीर हो गई है। एक मोहल्ले में तो एक महीने से पानी सड़क पर बह रहा है। इससे लोगों को पीने का शुद्ध पानी सही ढंग से नही मिल पा रही है। पानी के दूषित होने की संभावना भी बनी हुई है।
शहर में जयनरायन चौराहे से पथवलिया तक की पाइप लाइन को बदलने के लिए बजट की योजना मंजूर हो गई थी। समय रहते नपाप ने पाइप लाइन बदलने का कार्य पूरा नहीं किया। इससे जर्जर पाइप लाइन अब टूट गई है और इससे पानी फोरलेन के किनारे बह रहा है। यह पानी लोगों को पीने के लिए आपूर्ति किया जाता है, इससे करीब एक दर्जन मोहल्लों को जिस रफ्तार में पानी मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है। इसके अलावा पाइप लाइन के फटने से पानी के दूषित होने की संभावना है।
फोरलेन बनने के दौरान पाइप लाइन नहीं बदली गई और अब सड़क के निर्माण के बाद पाइप लाइन बदलने में कठिनाई आ रही है। मौजूदा समय में स्टेशन रोड के महरानीगंज के घोसियाना के पास एक महीने से पाइप फटी हुई है और पानी सड़क पर बह रहा है। इसी तरह सिंचाई विभाग के सामने एक सप्ताह से रोड़ पर पानी पाइप लाइन के फटने से बह रहा है। इसी तरह दुखहरण नाथ मंदिर के आगे भी सड़क पर पानी बह रहा है। इन स्थानों पर पाइप लाइन फटने से पानी लगातार बह रहा है। जिले के आला अधिकारी भी हर दिन इस स्थिति को देखते हैं लेकिन आंखें फेरे हुए हैं। नगर पालिका भी पीने के पानी की बर्बादी को लेकर गंभीर नही है। ऐसा तब है जब पाइप लाइन के लिए बजट तक स्वीकृत हो चुका है। ऐसे में शहर के लोगों के सामने समस्या बढ़ी हुई है।
पीडब्ल्यूडी व नपाप की रार में फंसी शहर की जलापूर्ति
शहर की जलापूर्ति सबसे अहम मामला होता है। यह अब दो विभागों के बीच फंस गई है। पीडब्ल्यूडी पाइप लाइन को लेकर कोई जिम्मेदारी लेने से हाथ खड़ा कर रहा है। नगर पालिका पूरी तरह पीडब्लूडी को जिम्मेदार ठहरा रही है। इससे पाइपलाइन बदलने के लिए स्वीकृत की गई 4.40 करोड़ की परियोजना की रफ्तार थमी हुई है। इससे जर्जर हो चुकी पाइप लाइन आए दिन फट जा रही है और पानी की बर्बादी हो रही है। धीरे-धीरे शहर की जलापूर्ति की व्यवस्था पटरी से उतरती दिख रही है।
पाइप लाइन बदलने के लिए नगर पालिका को कार्य करना चाहिए था। फोरलेन निर्माण के दौरान पर्याप्त समय दिया गया था और उनकी तरफ से कार्य करने में कोई कठिनाई भी नहीं थी। अब पाइप लाइन नपाप ही ठीक कराए। -चक्रसेन केन, सहायक अभियंता पीडब्लूडी
फोरलेन निर्माण के दौरान पीडब्लूडी ने पाइप लाइन का ध्यान नहीं दिया। अब पाइप लाइन फोरलेन के दायरे में आ गया है। ऐसे में कार्य कराने में कठिनाई आ रही है। पीडब्लूडी को कार्य कराना चाहिए था। -विकास सेन, ईओ नपाप