गोंडा। जिले में तीन नए निकाय बेलसर, धानेपुर व तरबगंज का गठन अगस्त में ही हो गया था। वार्डों का भी गठन करके अतिरिक्त प्रभार देकर अधिशाषी अधिकारी (ईओ) व प्रशासक भी नियुक्त हो गए हैं। तीनों निकायों में विकास कार्यों के लिए 12 करोड़ 70 लाख रुपये का बजट भी तय कर दिया गया मगर अभी तक दफ्तर नहीं खोला गया। ऐसे में निकायों की 77 हजार की आबादी को अपने काम के लिए भटकना पड़ रहा है।
निकाय चुनाव की तैयारियों के बाद भी कार्यालयों का संचालन न होना लोगों पर भारी पड़ रहा है। बेलसर में पंचायत भवन का अस्थाई कार्यालय तय तो किया गया है, लेकिन कोई कर्मचारी ही नहीं नियुक्त है। परसपुर के ईओ को यहां का प्रभार दिया गया है।
वहीं, तरबगंज का प्रभार ईओ नवाबगंज को सौंपा गया है। यहां के कार्यालय का अभी पता ही नहीं है। धानेपुर में नगर पालिका गोंडा के ईओ को प्रभार दिया गया है, मगर वहां भी कार्यालय शुरू नहीं हो सका। सोमवार को ईओ संजय मिश्र ने कहा कि धानेपुर पंचायत भवन में जल्द ही कार्यालय शुरू करेंगे। विकास कार्य भी तय किए जा रहे हैं।
वहीं, निकायों के विकास के लिए 12.70 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। प्रथम किस्त के तहत तीन करोड़ 60 लाख रुपये का बजट भी दे दिया गया है। इससे धानेपुर में पांच सड़कें और नाली निर्माण के साथ ही सड़क किनारे डस्टबिन रखवाए जाएंगे।
विकास के लिए नगर पंचायत बेलसर में पांच करोड़, धानेपुर में चार करोड़ व तरबगंज में करीब 3.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। बजट से अभी नगर पंचायत के प्रमुख चौराहे का सुंदरीकरण, पार्क का निर्माण, स्कूलों का कायाकल्प, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, तालाब सुंदरीकरण, फौव्वारा, सीढ़ी का निर्माण, बैठने के लिए बेंच का निर्माण होगा। साथ ही प्रकाश व्यवस्था के लिए हाईमास्ट, सामुदायिक भवन, वार्ड में इंटरलाकिंग व जलनिकासी की भी व्यवस्था प्राथमिकता में है।
तीन नई नगर पंचायतों के गठन और दो के विस्तार में 26 ग्राम पंचायतों के लोग अब शहरी में हो गए हैं। इसमें विस्तार में शामिल सात ग्राम पंचायतों के लोगों को तो दिक्कत नहीं हो रही है। उन्हें नगर पालिका कार्यालय का पता मालूम है। मगर नवगठित नगर पंचायत बेलसर, धानेपुर और तरबगंज में शामिल 19 ग्राम पंचायतों के लोग जरूरी काम के लिए भटक रहे हैं।
बेलसर नगर पंचायत में बेलसर के साथ ही चांदपुर, देवरदा, बरसड़ा, परसदा व मुजेड ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन गांवों में करीब 30 हजार आबादी है। वहीं, तरबगंज नगर पंचायत में रामापुर, रेतादल सिंह, ढोढेपुर, सेमरा व कटहा ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यहां 24 हजार के करीब आबादी है। इसी तरह नगर पंचायत में धानेपुर के साथ ही खीरभारी, माधवगंज व मुजेहना गांव की 23 हजार आबादी शामिल है। यहां के लोगों के पंचायतों से जुड़े कार्य अब बंद हो गए हैं और नगर पंचायत के कार्यालय का भी पता नहीं।
नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्त का कहना है कि नगर पंचायतों में कार्यालयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्थाई कार्यालय पंचायतों के ग्राम पंचायत भवन में शुरू किए जा रहे हैं।