गोंडा। पुत्रों की लंबी उम्र के लिए मंगलवार को माताएं हल षष्ठी व्रत रखेंगी। किसानों के घर में हल-बैल का पूजन कर भगवान बलराम की जयंती मनाई जाएगी। व्रत के लिए सोमवार को ही तिन्नी चालव, महुआ, ढाक, करेमुआ का साग, दही, दूध व पलाश के पत्ते की खरीददारी पूरी कर ली गई। शहर के आंबेडकर, टॉमसन, जेल रोड व गुरुनानक चौराहे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगी दुकानों पर लोगों ने व्रत सामग्री खरीदी। इटियाथोक की ललिता ने बताया कि इस दिन महिलाएं खेतों में बुआई से उगी फसलों का उपभोग नहीं करती। षष्ठी माता का पूजन करने के बाद अपनेआप उगे तिन्नी चावल, करेमुआ साग, दही खाती हैं। इसी दिन बलराम जी का जन्म हुआ था और उनका मुख्य शस्त्र हल था, इसलिए इसे हल षष्ठी भी कहते हैं।