नगर कोतवाली के इमरती विसेन निवासी ज्ञानबाबू भारती ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 15 दिसंबर को पत्नी रूबी (32) को प्रसव पीड़ा होने पर आशा की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टरों ने प्रसव कराने के बजाय हालत गंभीर बताते हुए रेफर कर दिया। आशा व डॉक्टरों ने कम पैसे में डॉक्टर दंपती के सहारा नर्सिंग होम में सुरक्षित प्रसव का भरोसा दिया। उक्त लोगों की बातों में आकर ज्ञानबाबू ने पत्नी को प्रसव के लिए सहारा नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया।
आरोप है कि सामान्य प्रसव पर 10 हजार रुपये मांगे गए थे मगर बाद में डॉक्टर दंपती ने 30 हजार रुपये लाने का दबाव बनाया। किसी तरह पैसे का प्रबंध कर जमा किया तो सिजेरियन से पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से प्रसूता रूबी की हालात बिगड़ती चली गई। जिसके बाद उसने सहारा नर्सिंग होम में ही दम तोड़ दिया। प्रसूता के ससुर रामकृपाल गोस्वामी का आरोप है कि रूबी की मौत के बाद भी डॉक्टर पैसे ऐंठने की जुगत में लगे रहे। जब परिजनों ने दबाव बनाया तो हालत गंभीर बताकर उसे अन्य अस्पताल में ले जाने को कह दिया। एंबुलेंस से रूबी काे लेकर आरएन पांडेय अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि डॉ. माधुरी त्रिपाठी जिला महिला अस्पताल में संविदा पर तैनात हैं। जबकि उनके पति डॉ. अमित त्रिपाठी वहां स्थायी चिकित्सक हैं। नगर कोतवाल संजय गुप्ता ने कहा कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सहारा नर्सिंगहोम के संचालक डॉ. अमित त्रिपाठी ने कहा कि 15 सितंबर को प्रसूता रूबी भर्ती हुई थी। हमारी पत्नी डॉ. माधुरी त्रिपाठी ने डॉ. नीरज गुप्ता और डॉ. तारिक के साथ मिलकर सिजेरियन प्रसव किया था। अगले दिन रात आठ बजे प्रसूता को सीने में तेज दर्द हुआ। डॉ. माधुरी ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें आरएन पांडेय अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ से इलाज कराने के लिए रेफर कर दिया। दो घंटे बाद बड़ी संख्या में परिजनों और रिश्तेदारों ने शव लाकर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही मैं भी पहुंच गया और पुलिस बल ने मौके पर स्थिति संभाली।
प्रसूता रूबी पर तीन दिन की नवजात समेत चार बच्चों को पालने की जिम्मेदारी थी। सीएमओ कार्यालय के शवगृह पर आई मृतक की बड़ी बेटी महिमा (7) का रो-रोकर बुरा हाल था। चार साल का बेटा आर्यन भी मां के शव को देखकर फफक रहा था। रामकृपाल ने बताया कि घर में डेढ़ साल की क्षमा मां की मौत से बिल्कुल अंजान है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा का कहना है कि प्रसूता का पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया गया है, सोमवार को जांच टीम गठित की जाएगी। वहीं सभी नर्सिंगहोम का औचक निरीक्षण कराया जाएगा, यदि कोई आशा मिली तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।