गोंडा। शहर में दो हजार से अधिक लोग बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं, जिससे सड़क हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लापरवाही के चलते हर दिन एक व्यक्ति की जान सड़क दुर्घटना में जा रही है। बावजूद इसके, परिवहन और पुलिस विभाग के पास हादसे रोकने के प्रभावी उपाय नहीं हैं।
परिवहन विभाग की ओर से प्रतिदिन 180 स्थायी लाइसेंस जारी करने की स्लॉट निर्धारित है, लेकिन रोजाना 30 से भी कम लोग बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए पहुंचते हैं। सोमवार को यह संख्या 60 तक पहुंचती है, फिर भी स्लॉट पूरी नहीं हो पा रही है। हालांकि लाइसेंस के लिए आवेदन कम हो रहे हैं, मगर सड़क पर बिना लाइसेंस वाहनों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। परिवहन विभाग के अनुसार, शहर में करीब दो हजार वाहन चालक बिना वैध लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर केवल जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया जाता है।
यात्रीकर अधिकारी शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर नियमित रूप से चालान किया जा रहा है। टीएसआई जगदंबा गुप्ता ने भी स्वीकार किया कि वाहन चेकिंग की जा रही है, मगर लोगों में जागरूकता की भारी कमी है।