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Gonda News: अयोध्या से पकड़कर गोंडा में छोड़े जा रहे बंदर

Sat, 09 Dec 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। गोंडा शहर निवासी बंदरों के उत्पात से निजात पाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे थे। इसी बीच एक डीसीएम बाहरी बंदरों के आने से जिले में बंदरों का उत्पात चरम पर पहुंच गया है। जानकीनगर से लेकर महिला अस्पताल तक में बंदरों ने हाहाकार मचा दिया है। बंदरों को छोड़ने वाले वाहन का नंबर अयोध्या जिला से संबंधी बताया जा रहा है।
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अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के पहले श्रीराम की नगरी बंदरों से खाली कराई जा रही है। वन विभाग के अलावा निजी संस्था की ओर से भी बंदरों को पकड़कर दूसरे स्थान पर छोड़ने की मुहिम शुरू की गई है। बृहस्पतिवार रात को शहर के बहराइच रोड पर एक अज्ञात डीसीएम से बड़ी संख्या में बंदरों को छोड़ दिया गया। जानकीनगर मोहल्ले के निवासी आशीष उपाध्याय ने बताया कि अयोध्या के नंबर वाले एक डीसीएम से बंदरों को छोड़ा गया है। जब तक वे अन्य लोगों को एकत्रित कर डीसीएम ड्राइवर से बात करने को बढ़े, वह तेज रफ्तार से गाड़ी लेकर भाग गया। उन्होंने बताया कि डीसीएम पर अंकित यूपी-42 नंबर अयोध्या की है।
वहीं, सुबह होते ही जानकीनगर से लेकर महिला अस्पताल तक बंदरों की आमद व उत्पात बढ़ गया।। लोगों ने छत पर बच्चों को नहीं जाने दिया। किसी के छत पर रखा पानी की टंकी का ढक्कन तोड़ दिया तो किसी के कपड़े उठाकर दूसरे के छत पर फेंक दिए। बंदरों के उत्पात से आधा शहर परेशान रहा। टैगोर नगर निवासी अनिल सिंह, कुक्कू जौहरी, हरीश गिरि व अनुराग आदि ने बताया कि शुक्रवार को पूरा दिन बंदरों का आतंक चलता रहा। शनिवार को सामूहिक रूप से डीएफओ से शिकायत की जाएगी।
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वर्चस्व की जंग से सहमे रहे लोग
बंदरों का आतंक महिला अस्पताल तक पहुंच गया। बाहरी बंदरों के गुट व स्थानीय बंदरों के बीच दिनभर वर्चस्व की जंग चलती रही। महिला अस्पताल से एमसीएच विंग को जाने वाले रास्ते पर बंदर लड़ते रहे। जिससे मरीज व तीमारदारों में भय का माहौल बना रहा। सीसीटीवी कैमरे के तार से झूलते रहे, जिससे कई कैमरे बंद हो गए। हालांकि, शाम को ठंड बढ़ने के बाद बंदर कहीं जाकर छिप गए तब लोगों ने राहत की सांस ली।

शिकायत मिलने पर पकड़े जाएंगे उत्पाती बंदर
वन विभाग के अलावा निजी लोग भी बंदरों को पकड़कर छोड़ने का काम कर रहे हैं। निजी संस्था के लोग पैसे लेकर बंदरों को पकड़ते हैं और दूसरे क्षेत्र में छोड़ देते हैं। हमें बंदरों को छाेड़े जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है। सूचना मिलने पर उत्पाती बंदरों को पकड़ा जाएगा।
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- पंकज शुक्ल, डीएफओ
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