गोंडा। सावन के पहले सोमवार पर भोर से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लग गई। शहर के दुखहरण नाथ मंदिर में भोर से ही घंटे-घड़ियाल गूंजने लगे। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। पूरे दिन हर हर महादेव और हर हर बम बम की गूंज सुनाई दी।
दुखहरण नाथ मंदिर में श्रद्धालु अंकिता, प्रतिभा, रोहन ने बताया कि सावन माह में पूजन से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। यह माह उनका सबसे प्रिय है। पंडित शेषमणि का कहना है कि दुखहरण नाथ मंदिर का इतिहास मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम से जुड़ा है। जब अयोध्या में राम ने जन्म लिया तो भगवान शिव उन्हें देखने के लिए आए थे। उस वक्त जिस स्थल पर भगवान शिव ने प्रवास किया था, आज वहां पर दुखहरण नाथ मंदिर है। सोमवार को एसपी विनीत जायसवाल ने दुखहरण नाथ मंदिर में जलाभिषेक कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
सरयू के जल से श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक
करनैलगंज। सरयू के कटरा घाट से जल लेने के लिए भोर से ही श्रद्धालु उमड़ पड़े। फिर भक्ति, आस्था और उल्लास के बीच शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। सर्वाधिक भीड़ बरखंडी नाथ महादेव मंदिर में देखने को मिली, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, भांग, धतूरा और दूध अर्पित कर भोलेनाथ को प्रसन्न किया। महंत सुनील पुरी की अगुवाई में विधिपूर्वक पूजन संपन्न कराया गया। कटरा घाट के मनकामेश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में दिनभर जलाभिषेक व पूजन चलता रहा।
यहां भी हुआ पूजन
खरगूपुर : पृथ्वीनाथ मंदिर के विशाल शिवलिंग पर सावन के पहले सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। ब्रह्म मुहूर्त से श्रद्धालुओं का तांता लग गया। ओम नमः शिवाय, बमबम भोले, जय महाकाल, जय शिव शंभू के उद्घोष से गर्भगृह व मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। मंदिर के बाहर भंडारे का आयोजन किया गया। जयप्रभाग्राम के दीनदयाल संस्थान परिसर स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पारासराय के धुरिया बाबा, बेलवा कर्मडीह के सदाशिव मंदिर, चितेश्वर नाथ मंदिर, सदाशिव बाजार के शिव मंदिर में भी भक्तों ने जलाभिषेक किया। ऋषि उद्दालक मुनि की तपोस्थली तिर्रेमनोरमा में पवित्र मनवर सरोवर के जल से शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया।
परसपुर : कस्बे के नर्वदेश्वर नाथ मंदिर, कंडरु भारी स्थित प्राचीन शिव मंदिर, भौरीगंज में सरयू तट स्थित भगवान शंकर मंदिर, सिंगरिया स्थित अति प्राचीन सुभगनाथन शिव मंदिर व पसका, शाहपुर सहित अनेक ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।