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मनरेगा घपला: जांच के दायरे में आईं आठ क्षेत्र पंचायतें

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गोंडा। मनरेगा योजना की जांच की आंच से 8 और क्षेत्र पंचायतों पर पड़ी है। योजना के बजट में सेंध लगाने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। श्रम व सामग्री के खर्च में बड़े पैमाने पर खेल सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने फैसला लिया है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में योजनाओं की जांच होगी। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने ब्लॉकवार जांच के लिए तीन सदस्यीय टीमों का गठन कर दिया है। उन्होंने जांच समिति में तकनीकी जांच के लिए भी अधिकारी नामित किए हैं। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी बजट में हेराफेरी की जांच करेंगे। इसके पहले कटरा ब्लॉक में मनरेगा कार्यों की हुई जांच में गड़बड़ी मिलने पर चार अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जिसके बाद से जिले के अन्य ब्लॉकों में भी मनरेगा घपले की जांच का सिलसिला जारी है।
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जिले के 16 ब्लॉकों और 1054 पंचायतों में मनरेगा से योजनाओं के संचालन के लिए 556 करोड़ की कार्य योजना बनी थी। इसमें 60 फीसदी बजट किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि कार्यों पर खर्च होने की योजना तैयार हुई थी। जिसमें पशुपालन, तालाब जीर्णोद्धार जैसी योजनाएं भी शामिल थीं। योजना के कार्यों की भुगतान की स्थिति की पड़ताल हुई तो कई ब्लॉकों में तय मानक की अनदेखी की बात सामने आई। इससे घपले की आशंका बढ़ गई।
सबसे अहम बात तो यह है कि जिस ब्लॉक का प्रभार उन अधिकारियों के जिम्मे हैं जिनकी नियुक्ति ही श्रम एवं सामग्री का अनुपात दुरुस्त करने के लिए है। वहां ही अनुपात सही नहीं है। दूसरे ब्लॉकों में वे कैसे अनुपात सही रखेंगे, जब प्रभार वाले ब्लॉकों में श्रम से ज्यादा सामग्री पर खर्च हो चुका है। इसकी जानकारी होने के बाद जांच की तैयारी की गई है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की रिपोर्ट के बाद 8 ब्लॉकों की जांच के और आदेश दिए हैं। जांच के दायरे में अब पंडरी कृपाल, झंझरी, वजीरगंज, नवाबगंज, तरबगंज, इंटियाथोक, मुजेहना, हलधरमऊ ब्लॉकों के कार्यों की भी अब जांच होगी।
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तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मनरेगा कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित हुई है। पंडरीकृपाल की जांच एसडीएम द्वितीय गुलाम सरवर के साथ सहायक निदेशक बचत आरबी मौर्य, एक्सईन सरयू डे्नेज, झंझरी की जांच एसडीएम गुलाम सरवर के साथ पीओ डूडा वीके सिंह व एक्सईन जलनिगम, वजीरगंज की जांच के लिए एसडीएम तृतीय महेंद्र कुमार सिंह के साथ उपनिदेशक रेशम सत्येन्द्र सिंह व एक्सईन लघु सिंचाई करेंगे।
इसी तरह नवाबगंज की जांच के लिए एएसडीएम चतुर्थ राजेश कुमार के साथ जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव व एक्सईन सरयू नहर खंड-एक, तरबगंज की जांच एसडीएम तरबगंज के साथ ही उपनिदेशक कृषि डॉ. मुकुल तिवारी व एक्सईन सरयू नहर खंड चार करेंगे। इंटियाथोक व मुजेहना की जांच के लिए एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव के साथ जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी, एक्सईन आरएएस तथा हलधरमऊ की जांच के लिए एसडीएम करनैलगंज के साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी वीरेंद्र कुमार महंथ व एक्सईन नलकूप को जांच सौंपी गई है।
विकास विभाग के अधिकारी की भूमिका पर उठ रहे सवाल
मनरेगा योजना के संचालन में विकास विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जांच कमेटी गठित करने में विभाग के जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी को शामिल नहीं किया गया है। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार की जिम्मेदारी मनरेगा में श्रम एवं सामग्री के अनुपात व्यवस्थित करने की है, लेकिन इन ब्लॉकों में इसमें भी अंतर बताया जा रहा है। जांच में पूरी स्थिति से पर्दा उठने के साथ ही अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
ब्लॉकवार तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर 15 दिवस में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। मनरेगा कार्यों का संचालन सही ढंग से कराए जाने के लिए ठोक कदम उठाए जा रहे हैं। -डॉ. नितिन बंसल, जिलाधिकारी
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