गोंडा। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) शनिवार को जिले के 18 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों पर तो व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं, लेकिन बाहर अव्यस्थाओं ने भी अभ्यर्थियों की परीक्षा ली। ई रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूल किया। रोडवेज बसों के लिए भी मारामारी मची रही। दो पालियों में 12,372 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। 2,220 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।डीएम प्रियंका निरंजन, आईजी अमित पाठक व एसपी विनीत जायसवाल ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षार्थियों ने बताया कि पिछली बार की परीक्षा के मुकाबले इस बार पेपर तो सरल रहा, लेकिन केंद्र तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा शनिवार को पहली पाली में सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर तीन से पांच बजे तक हुई। दोनों पालियों में परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। इसके बाद सिटिंग प्लान के अनुसार बैठाकर परीक्षा शुरू कराई गई। दोनों पालियों में परीक्षार्थी गणित के प्रश्नों में उलझे रहे। अंग्रेजी और हिंदी के प्रश्न सामान्य रहे। पहली पाली में 7,296 विद्यार्थियों को शामिल होना था, लेकिन 6192 ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। 1,104 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में 7,296 के सापेक्ष 6,180 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
पीईटी के कारण शनिवार को शहर में परीक्षार्थियों सहित 25 हजार से अधिक लोगों की अतिरिक्त भीड़ पहुंच गई। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। मौके का फायदा उठाकर ई रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूल किया। अंबेडकरनगर से आईं परीक्षार्थी सोनम ने बताया कि वह मनकापुर बस स्टॉप पर उतरीं। वहां से फातिमा स्कूल तक जाने के लिए ई रिक्शा चालक ने 50 रुपये लिए। बहराइच के गणेश प्रसाद ने बताया कि उनकी बेटी का पेपर मारवाड़ इंटर कॉलेज में था। ई रिक्शा चालक ने दो लोगोें का 60 रुपये किराया लिया। परीक्षा के बाद सबसे ज्यादा परेशानी रोडवेज बसों से यात्रा करने वालों को हुई। बसों के आते ही परीक्षार्थियों की टोली भागती दिखाई पड़ी।। महिला अभ्यर्थी सबसे अधिक परेशान हुईं। वह देर शाम तक बसों का इंतजार करती नजर आईं। हालांकि रोडवेज की तरफ से अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया गया था, लेकिन वह भी नाकाफी साबित हुईं। परीक्षार्थी देर शाम तक अपने गृह जनपद जाने वाली बसों के लिए जूझते रहे।
गणित ने उलझाया, हिंदी के प्रश्न आए आसान
शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकले अंबेडकरनगर निवासी सोमनाथ ने बताया कि गणित के प्रश्न काफी कठिन थे। हिंदी के प्रश्न इस बार सरल आए। समसामयिकी के सवाल आसान आए। विद्यालय स्तर पर व्यवस्थाएं ठीक रहीं। बहराइच की प्रीति मिश्रा ने कहा कि गणित को छोड़कर सभी विषय के प्रश्न सामान्य रहे। इस बार अच्छे अंक मिलने की उम्मीद है। अंबेडकरनगर निवासी अरविंद वर्मा ने बताया कि गणित को छोड़कर बाकी विषय के सवाल ठीक रहे। अच्छे अंक मिल सकते हैं। अमन ने बताया कि पिछली परीक्षा के मुकाबले इस बार पेपर आसान रहा, लेकिन गणित के कुछ प्रश्न काफी कठिन थे। औसत अंक मिलने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों की मदद के लिए आगे आए युवा
गोंडा। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में शामिल होने के लिए दूरदराज से आने वाले अभ्यर्थियों की मदद के लिए इंकलाब फाउंडेशन ने पहल की है। फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने अभ्यर्थियों के रहने और खाने की व्यवस्था की है। संस्था की ओर से छह स्थानों पर अभ्यर्थियों के ठहरने की सुविधा दी गई है। जहां आवास के साथ-साथ सुबह-शाम भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मुहिम में शिवम सोनी, दिलीप जायसवाल, कुंवर दीपक सिंह और आयुष मिश्र का योगदान है। (संवाद)
आठ बसें सीतापुर और पांच भेजी गईं अंबेडकरनगर
गोंडा। परिवहन निगम ने शनिवार को पीईटी के अभ्यर्थियों के लिए आठ बसें सीतापुर और पांच बसें अंबेडकरनगर रवाना की। निगम प्रबंधन को उम्मीद थी कि परीक्षा के दौरान अच्छी कमाई होगी, लेकिन परीक्षार्थी कम आए।
पीईटी में जिले के परीक्षार्थियों का सेंटर सीतापुर बनाया गया। वहीं, अंबेडकरनगर के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र जिले के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में रहा। निगम प्रबंधन ने पीईटी के परीक्षार्थियों को गंतव्य तक पहुंचाकर अधिक कमाई की रणनीति बनाई थी, लेकिन रोडवेज बसों से यात्रा करने वाले परीक्षार्थियों की संख्या कम रही। रोडवेज प्रबंधन ने इसके लिए 50 बसें लगाई थीं। एआरएम कपिलदेव ने बताया कि तैयारी पूरी रही, लेकिन परीक्षार्थी ही कम आए। सीतापुर के लिए आठ व अंबेडकरनगर के लिए पांच बसें रवाना की गईं। वहीं, गोरखपुर दो व हरदोई एक बस भेजी गई।
ट्रेन व निजी साधनों से पहुंचे परीक्षार्थी
रोडवेज बसों से आने वाले परीक्षार्थियों की संख्या काफी कम रही। सीतापुर जाने वाले परीक्षार्थियों ने ट्रेन और निजी साधन का सहारा लिया। वहीं अंबेडकरनगर से आने वाले अधिकांश परीक्षार्थी बाइक व चौपहिया वाहनों से पहुंचे। गोंडा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को स्टैंड पर बाइकों का जमावड़ा रहा। स्थिति यह रही कि पार्किंग फुल होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।