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शीतलहर ने कंपाया, पांच डिग्री तक लुढ़का पारा

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गोंडा में मंगलवार सुबह 9.30 बजे कोहरे के बीच से लाइट जलाकर निकलते वाहन। - फोटो : GONDA
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गोंडा। पछुआ हवा के चलते मंगलवार इस बार अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान पांच डिग्री के साथ सुबह हुई। साथ ही पूरे दिन गलन बरकरार रही। दोपहर में अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस से आगे तापमान नहीं बढ़ सका। शाम होते ही फिर से ठंड बढ़ गई। निजी स्कूलों ने शीतकालीन अवकाश जारी रखा, लेकिन सरकारी स्कूल खुले रहे। ठंड से कांपते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे।
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मंगलवार की सुबह साढ़े तीन बजे का तापमान सबसे कम रहा। चार बजे सुबह तक पांच डिग्री सेल्यिस रहा और दस बजे तक 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। दोपहर एक से तीन बजे तक तापमान बढ़ा, लेकिन 20 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच सका। फिर से तापमान लुढ़कना शुरू हो गया। शाम होते ही फिर चुभन भरी ठंड शुरू हो गई। प्रशासन की ओर से दिन में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई।
शाम को अलाव की व्यवस्था के लिए लकड़ी गिराने का दावा नगर पालिका ने किया हैं। वहीं सबसे ठंडे दिन में स्कूल खोले जाने से बच्चों के सामने मुश्किल रही। एक लाख से अधिक बच्चों ने स्कूल से दूरी बनाए रखी। शिक्षकों के बुलाने पर विवाद की स्थिति बन गई। चिरेबसना के जय प्रकाश का कहना है कि स्कूल में बैठने के फर्श पर दरी की व्यवस्था है, इससे बच्चों को ठंड लग रही है। इससे स्कूल में बच्चों को भेजना उचित नहीं है।
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वहीं जिला अस्पताल में भी 65 से अधिक बच्चों ने इलाज कराया। ठंड में होने वाले रोग से बच्चे लगातार पीड़ित हो रहे हैं। एनएसयूआई के पदाधिकारी सिद्वार्थ शुक्ल ने स्कूलों में ठंड से अवकाश की मांग का ज्ञापन भी अतिरिक्त उप जिलाधिकारी को सौंपी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से अवकाश की कोई सूचना नहीं दी गई है।
एडीएम आरआर प्रजापति ने बताया कि जिले में 114 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। 7 रैन बसेरा केंद्रों को सक्रिय किया है। ठंड की स्थिति पर नियमित नजर रखी जा रही है। कंबल स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से वितरित कराया जा रहा है।
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