गोंडा। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले 35 स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोके जाने का आदेश दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के जिला लेखा प्रबंधक संदीप मल्होत्रा को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों में उनके कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने लेखा प्रबंधक सहित डीपीएम अमरनाथ, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह व सभी ब्लाकों के बीसीपीएम (ब्लॉक कम्युनिटी प्रासेस मैनेजर), बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) का वेतन रोके जाने का आदेश दिया। जिला महिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर न होने के चलते गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे।
एसीएमओ डॉ. एपी सिंह को बतौर बेहोशी डॉक्टर महिला अस्पताल में भी कार्य करने का निर्देश दिया। टीकाकरण व डाटा फीडिंग में लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई।