गोंडा। बजट के अभाव में मेडिकल कॉलेज का पोर्टल लॉक होने से दवाओं की आपूर्ति बाधित हो गई थी। अब उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद पोर्टल खोल दिया गया है। सोमवार से दवाओं की खरीद और आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में कई जीवनरक्षक दवाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। इस समस्या को अमर उजाला ने 11 फरवरी के अंक में “दर्द है बहुत, पर दवा ही नहीं” शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद डीएम प्रियंका निरंजन ने मामले का संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन से पूरी जानकारी तलब की। इसके बाद समस्या के समाधान की प्रक्रिया तेज की गई।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि पोर्टल खोल दिया गया है। सोमवार से दवाओं की खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।