फोटो-4 गोंडा में क्षेेेत्रीय निदान केंद्र में कार्य करते एक्स-रे टेक्नीशियन। -संवाद
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गोंडा। स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मियों की संबद्धता को समाप्त कर मूल तैनाती के स्थान पर जाने का फरमान जारी कर दिया गया। लेकिन जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय से संबद्ध कर्मी अपना पटल छोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। कार्यमुक्त होने के बावजूद आधा दर्जन स्वास्थ्य कर्मी अपनी पुरानी कुर्सी पर जमे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला को देखते हुए अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने 11 जुलाई को पत्र जारी कर विभिन्न स्थानों पर संबद्ध चिकित्साधिकारियों व कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त कर मूल तैनाती के पद पर वापस आने का आदेश दिया। लेकिन शासन के फरमान का असर जिला अस्पताल में नहीं दिख रहा है। महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के आधीन एक्स-रे टेक्नीशियन अनिल श्रीवास्तव को पिछले कई वर्षों से जिला अस्पताल स्थित क्षेत्रीय निदान केंद्र में एक्स-रे विभाग का कार्य देखते हैं। एक्स-रे टेक्नीशियन के कमी से इन्हें यहां संबद्ध कर दिया गया था।
शासन के आदेश के अनुसार, 14 जुलाई को जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला ने संबद्धता समाप्त कर मूल तैनाती के स्थान पर कार्य करने का आदेश देकर कार्यमुक्त कर दिया। इसके बावजूद एक्स-रे टेक्नीशियन यहीं जमे हुए हैं। सीएमओ के अधीन करीब पांच अन्य डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की संबद्धता समाप्त कर कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन नई तैनाती पर जाने को तैयार नहीं है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा ने 20 जुलाई को पत्र जारी कर निर्देश दिया कि सभी कार्यमुक्त चिकित्सक व कर्मी जल्द ही नवीन तैैनाती पर जाकर कार्यभार ग्रहण कर लें।
शुक्रवार को सीएमओ ने बताया कि संज्ञान में आया है कि कई लोग कार्यमुक्त आदेश निर्गत होने के बावजूद नवीन तैनाती पर योगदान प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं। सीएमओ ने सख्त निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक व कर्मियों को माह जुलाई का वेतन नवीन तैनाती वाले स्थान से मिलेगा। जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है उनका वेतन मिलने में दिक्कत हो सकती है।
जिला अस्पताल में संबद्ध सभी डॉक्टरों व कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। सभी को आदेश दिया गया है कि वह अपनी नवीन तैनाती वाले स्थान पर जाकर सेवा प्रदान करें। यदि कार्यमुक्त होने के बाद भी कोई जिला अस्पताल में सेवा दे रहा है तो जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. इंदुबाला, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल