जिला अस्पताल में रात में तड़पते मरीज, नर्सें मारतीं खर्राटा
पूछताछ काउंटर से नदारद रहते कर्मचारी, भटकते रहते तीमारदार
वार्डों में रहता आवारा मवेशियों का जमावड़ा, सांसत में रहती मरीजों की जान
जिला
फोटो-1-8 तक
गोंडा। जिला अस्पताल में मरीजों का दर्द जैसे जैसे रात गहराती हैए वैसे ही बढ़ने लगता है। यही हाल जिला महिला अस्पताल का भी है। यहां आने वाली महिला मरीजों को भर्ती कराने के लिए उनके तीमारदार नर्सों को तलाशते रहते हैं। मगर नर्सें खर्राटा मारती रहती हैँ। पूछताछ केंद्र से कर्मचारी गायब रहते हैं तथा वार्डों में आवारा पशुओं का जमावड़ा होने से मरीजों की जान सांसद में रहती है। अमर उजाला ने गुरुवार की रात दोनों अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं की पड़ताल की। पेश हैए अजीत सिंह लवी व रोहित तिवारी की रिपोर्ट-
इनसेट
रात 1.00 बजे। महिला अस्पताल
महिला को भर्ती कराने को नर्स को तलाशता रहा पति
थाना उमरी बेगमगंज क्षेत्र के उमरी बाजार के समीप के रहने वाले महीप नरायन गुरुवार की रात 1.00 बजे अपनी गर्भवती पत्नी को भर्ती कराने के लिए महिला अस्पताल में नर्सों को तलाशते रहे। मगर एक घंटे की तलाश के बाद उसे एक नर्स दिखाई पड़ी। तब जाकर उसकी पत्नी भर्ती हो सकी।
इनसेट
रात 1.15 बजे। स्थान महिला अस्पताल
102 एंबुलेंस काउंटर से नदारद रहे कर्मी
जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को कॉल पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एक काउंटर बनाया गया है। जहां कॉल आने पर महिला मरीजों 108 व 102 एंबुलेंस कर्मी उन्हें महिला अस्पताल लाते ले जाते हैं। मगर रात गहराते ही यह काउंटर बंद हो जाता है। देर रात 1.15 बजे काउंटर खाली था। एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
इनसेट
रात 1.30 बजे। स्थान महिला अस्पताल
खाली रहा पूछताछ केंद्र भटकते रहे तीमारदार
जिला महिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए पूछताछ काउंटर पर गुरुवार की देर रात 1.30 बजे एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। यहां मरीजों के तीमारदार भटकते नजर आए। मरीजों के तीमारदार कहीं चिकित्सक का कक्ष एक दूसरे से पूछते नजर आए तो कोई लेबर रूम तलाश रहा था। पर उन्हें बताने के लिए एक भी कर्मचारी पूछताछ केंद्र पर नहीं मिला।
इनसेट
रात 2.00 बजे। स्थान जिला अस्पताल
इलाज के इंतजार में तड़पती रही युवती
जिला अस्पताल में आपातकालीन कक्ष के बाहर बरामदे में एक युवती दर्द से तड़पती रही। वह श्वास की बीमारी से परेशान थी। आपात कालीन कक्ष में चिकित्सक तो मौजूद थे। मगर वह अन्य मरीजों को देखने में व्यस्त रहे। बाद में जब मीडिया कर्मियों ने तड़पती युवती को देखा और उसका इलाज करने को कहा। तब जाकर उसे प्राथमिक चिकित्सा दी गई और बाद में भर्ती किया गया।
इनसेट
रात 2.15बजे। स्थान जिला अस्पताल
बंद रहा नर्सेज रूम, तलाशते रहे तीमारदार
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड व हड्डी वार्ड के मरीजों की सुविधा के लिए चिल्ड्रेन वार्ड के बाहर बरामदे में नर्सेज रूम बना है। यहां से नर्सें दोनों वार्ड के मरीजों की देखभाल करती हैं। मगर देर रात 2.15 बजे नर्सेज रूम बंद मिला। मरीजों के तीमारदार नर्सों को तलाशते रहे। मगर दरवाजा नहीं खुला तो तीमारदार वापस लौट गए।
इनसेट
रात 2.30 बजे। स्थान जिला अस्पताल
वार्डों व गैलरी में घूमते हैं सांड़ व कुत्ते
जिला अस्पताल में देर रात 2.30 बजे चिल्ड्रेन वार्ड के समीप बरामद में कुत्ता घूमता मिला। यहां से कुछ दूरी पर सांड़ भी बरामद में कूड़ेदान में भोजन तलाशता रहा। गनीमत रहा कि वार्ड के आसपास मरीज नहीं थे। इसलिए कोई हादसा नहीं हुआ। अस्पताल में रात ही नहीं दिन में मवेशी घूमते रहते हैँ।
वर्जन
जिला अस्पताल में वार्डोँ में भर्ती मरीजों चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। आपात कालीन कक्ष में चिकित्सक की चौबीस घंटे कई पाली में ड्यूटी लगाई जाती है। नर्सों की भी रात में ड्यूटी रहती है। उन्हें निर्देश हैं कि मरीजों के इलाज पर पूरा ध्यान रखें।
-डॉ. अरूण लाल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
वर्जन
-प्रसूताओं के इलाज के लिए ही आपात कालीन सेवा खुली रहती है। स्टाफ नर्सें अगर अपने कक्ष में नहीं थीं तो इसकी किसी प्रसूता के तीमारदार ने शिकायत नहीं की। शिकायत आएगी तो इसकी जांच कराई जाएगी। 102 एंबुलेंस काउंटर पर कर्मचारी ड्यूटी पर रहते है। देर रात काउंटर खाली था तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।
-डॉ. योगेन्द्र सिंह, प्रभारी प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल