गोंडा। बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल की पहचान अब राजकीय मेडिकल कॉलेज के रूप में होगी। यहां की चल-अचल संपत्ति, चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गए हैं। शनिवार से जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का संचालन शुरू हो जाएगा। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के स्थान पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के निर्देशन में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक दायित्व संभालेंगे।सर्किट हाउस के पास व जिला अस्पताल परिसर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का का निर्माण कार्य करीब 80 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 जून तक हर हाल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया है। प्रशासनिक भवन, हॉस्टल, एकेडमिक ब्लाक का निर्माण अंतिम चरण में है। नीट परीक्षा पास करने वाले छात्रों का काउंसलिंग के जरिए 100 सीटों पर अगस्त में प्रवेश शुरू हो जाएगा।
प्रोफेसर के विभिन्न पदों पर 53 आवेदन मांगे
-मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने विज्ञापन जारी कर 53 पदों के लिए आवेदन मांगा है। जिसमें प्रोफेसर के आठ पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 पद तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों पर भर्ती की जाएगी।
प्रोफेसर के लिए एमडी/एमएस/ डीएनबी के साथ आठ साल पीजी का अनुभव, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए एमडी/एमएस/ डीएनबी के साथ पांच साल पीजी का अनुभव तथा असिस्टेंट प्रोफेसर एमडी/एमएस/ डीएनबी की योग्यता होना अनिवार्य है।
शीघ्र पूरी हो जाएगी नियुक्ति प्रक्रिया
778 नियमित व 669 आउटसोर्सिंग के पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। आठ प्रोफेेसर, 20 एसोसिएट प्रोफेसर, व 25 असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 112 पद तय हुए हैं। जबकि 446 पद सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट व मेडिकल ऑफिसर और 110 पद चीफ फार्मासिस्ट, डेंटल टेक्नीशियन व फार्मासिस्ट के भरे जाएंगे। 110 पद गैर तकनीकी संवर्ग के तय हैं। मेडिकल कॉलेज में 778 नियमित पद सृजित किए गए हैं। जूनियर इंजीनियर व वेटनरी ऑफिसर के चार पद प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। आउटसोर्सिंग में डिप्टी लाइब्रेरियन, मेडिकल सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर व डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।
जिला अस्पताल का संचालन पूर्व की तरह ही होता रहेगा। चिकित्सक व पैरामेडिकल कर्मी जो जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वह अग्रिम आदेशों तक अपना काम करते रहेंगे। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद बदलाव किया जा सकता है।
- डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज