रमजान के चलते खरीदारों की भीड़ से बाजारों की रौनक बढ़ गई है। बाजार में माहे रमजान के इफ्तार व सहरी के लिए खाने-पीने की चीजों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में इस बार अरब की कीमिया व ईरानी खजूर का जलवा है। अपनी खासियत को लेकर इन खजूरों की लोगों में काफी डिमांड है। रमजान शुरू होने से पहले गुरुवार को लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस दौरान खजूर की दुकानों पर खरीदारों की काफी भीड़ रही। चौक बाजार के खजूर विक्रेता मुस्ताक अहमद ने बताया कि उनके यहां बसरा की 70 रुपये किलो से लेकर 450 रुपये किलो तक की कई किस्म की अरबियन व ईरानी खजूर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पहले रमजान से खजूर की खरीदारी में तेजी आएगी। इसके अलावा बाजार में पापड़ की दुकानें भी सज गई हैं। पापड़ दुकानदार रामू ने बताया कि रोजेदार हर तरह के टेस्ट वाला अलग-अलग पापड़ मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि 80 रुपये से लेकर 150 रुपये किलो तक का कई तरह का पापड़ उपलब्ध है।
मस्जिदों में इबादत की तैयारी
रोजेदारों की इबादत के लिए मस्जिदों की रंगाई-पुताई कर सजाने संवारने के साथ ही गर्मी व बारिश से बचाव के लिए मस्जिद क मेटियों की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं। चमचमाती मस्जिदें रमजान में लोगों के इस्तकबाल के लिए तैयार हैं। गर्मी से बचने के लिए मस्जिदों में छाया, पानी व हवा की व्यवस्था की गई है। रमजान में नमाजियों की तादाद बढ़ने को ध्यान में रखकर अतिरिक्त चटाई का भी इंतजाम किया गया है।
इनसेट
तरावीह नमाज का मस्जिदवार शेड्यूल
* छावनी मस्जिद इमामबाड़ा- 15वें रमतान तक।
* जामा मस्जिद मीनाईया - 10वें रमजान तक।
* औलिया मस्जिद दरगाह कुतबे गोंडा- 07वें रमजान तक।
* निदाए-या रसूलल्लाह मस्जिद बाईपास - 06वें रमजान तक।
* चांद मस्जिद साहबगंज - 05वें रमजान तक।
* रहमानिया मस्जिद साहबगंज - 28वे रमजान तक।
* रजा मस्जिद घोसियाना - 28वें रमजान तक।
* ख्वाजा मस्जिद इमामबाड़ा - 05वें रमजान तक।
* डिप्टी मस्जिद पटेल नगर - 09वें रमजान तक।
* हुसैनी मस्जिद करबला - 20वें रमजान तक।
* खजूर मस्जिद मेवातियान- 20वें रमजान तक।
* सुनहरी मस्जिद इमामबाड़ा - 29वें रमजान तक।
* मोहम्मदी मस्जिद नईबस्ती - 10वें रमजान तक।
* हयातुल मस्जिद महराजगंज- 10वें रमजान तक।
* बाबुल मस्जिद उतरौला रोड - 20वें रमजान तक।
एक नेकी का 70 गुना मिलता है सबाब : मौ. मुजक्किर हुसैन
ईदगाह गोंडा के इमाम मौलाना मुजक्किर हुसैन ने बताया कि रमजान के मुकद्दस में अल्लाह तआला रोजेदार के हर एक नेक काम का 70 गुना सबाब अता करता है। रमजान के रोजे हर बालिग मर्द व औरत पर फर्ज करार किया गया है। इसमें इंसान अल्लाह की खुशी के लिए अपने नफ्स को काबू में रखकर अपनी तमाम इच्छाओं को छोड़ देता है। रमजान का माह बरकतों वाला है। इस माह में खुदा की रहमतों की बारिश होती और दुआएं कबूल होती हैं। मौलाना ने बताया कि अल्लाह का हुक्म है कि रोजा सिर्फ मेरे लिए है और इसका बदला मैं अपने रोजेदार बंदों को खुद अता करूंगा। इस माह के रोजे रखने से इंसान में परहेजगारी पैदा हो जाती है