गोंडा। 13 साल के किशोर से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट निर्भय प्रकाश ने सात साल के सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत करने पर वादी मुकदमा के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
नवाबगंज के एक गांव निवासी व्यक्ति ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र में कहा कि 30 जून 2016 की सुबह उसका बेटा ग्राम अशोकपुर जा रहा था। रास्ते में धनई निषाद ने उसे बुलाकर बैठा लिया और अश्लील हरकत करने लगा। इसके बाद धनई ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और साक्ष्य न मिलने की बात कहकर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी, लेकिन वादी के प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर न्यायालय ने अंतिम रिपोर्ट निरस्त कर विचारण के लिए आरोपी को तलब कर लिया। ट्रायल के दौरान वादी ने कोर्ट में झूठा बयान दिया। उसने कहा कि बेटा बालिग था और उसके साथ कोई घटना नहीं हुई है। जबकि पीड़ित व गवाहों के बयान व अन्य साक्ष्य से अपराध साबित होने पर विशेष न्यायाधीश ने धनई निषाद को दोषी ठहराया और मंगलवार को दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार जुर्माने की आधी रकम पीड़ित को दी जाएगी। इसी मामले में मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत करने पर न्यायालय ने वादी मुकदमा के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत प्रकीर्ण केस दर्ज करने का आदेश दिया है।