उतरौला कोतवाली क्षेत्र के मझारी बाछिल गांव के निकट राप्ती नदी के किनारे अंतिम संस्कार कराने गए पंडित को पुरानी रंजिश के चलते अचानक एक युवक ने हमलाकर मरणासन्न कर दिया। अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। शव को पोटमार्टम के लिए भेजा गया है। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। गांव वालों का कहना है एक विवाद के निपटारे से नाराज आरोपी ने यह वारदात की है।
शुक्रवार को उतरौला कोतवाली क्षेत्र के बाघाजोत निवासी नीरज मिश्रा ने बताया कि उनके पिता मुरलीधर मिश्रा पड़ोसी गांव मझारी बाछिल में रंजीत सिंह के घर एक आदमी की मृत्यु होने के बाद कर्मकांड कराने गए थे। नीरज मिश्रा भी पिता के साथ मौजूद था। राप्ती नदी के किनारे कर्मकांड का काम खत्म होने के बाद लोग नदी में नहाने चले गए। मुरलीधर कर्मकांड का पिंड आदि जल में प्रवाह करने के लिए निकट के भिठौढी गांव में स्थित कुंड की तरफ अकेले चले गए।
इसी बीच कुंड के निकट रहने वाले भिठौढी निवासी फकीरी अचानक मुरलीधर मिश्र के पास पहुंचा और कुदाल से उनके ऊपर हमला कर दिया। थोड़ी दूर पर मौजूद नीरज भी यह नहीं समझ पाए कि फकीरी ने हमला क्यों किया। नीरज पिता को बचाने के लिए लोगों को बुलाने दौड़े। लेकिन लोगों के पहुंचने से पहले ही हमलावर मुरलीधर को मरणासन्न कर फरार हो गया। गंभीर हालत में मुरलीधर को इलाज के लिए पीएचसी श्रीदत्तगंज पहुंचाया गया।
हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मुरलीधर की मौत हो गई। वहीं गांव वालों का कहना है फकीरी का गांव में ही एक व्यक्ति से जमीन का विवाद चल रहा है। कुछ महीने पहले मुरलीधर ने फकीरी के विवाद में मध्यस्थता की थी। विवाद के निस्तारण से फकीरी खुश नहीं था और मुरलीधर से रंजिश रख रहा था।