अधिकारी होर्डिंग पर प्रत्याशी व मंत्री की फोटो देखकर वापस हो रहे हैं। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि मतदान के दिन प्रशासन कितना सजग रहेगा और कितनी धांधली रोक लेगा।
रविवार को ही चुनाव कार्यक्रम जारी हो गया। सोमवार को पूरे जिले में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। तीन दिन बीत गए, लेकिन प्रशासन मौन साधे हुए है। सबसे अधिक होर्डिंग सदर तहसील क्षेत्र में देखने को मिली। यहां एक मंत्री की फोटो लगाकर दावेदारों ने चुनाव मैदान में ताल ठोक दी है।
जगह-जगह होर्डिंग से पटे क्षेत्र में प्रत्याशी छह से सात वाहन क्षेत्र में दौड़ा रहे हैं। अभी तक किसी भी दावेदार ने प्रशासन ने वाहन संचालन की अनुमति प्राप्त नहीं की है। न ही इसके लिए प्रशासन की ओर से सघन अभियान ही चलाया गया है।
पहले चरण में करनैलगंज तहसील क्षेत्र में चुनाव होगा। इसके बाद सदर तहसील गोंडा क्षेत्र में चुनाव होगा। सदर तहसील के पांच विकास खंडों में लगाई गई होर्डिंग देखकर एसडीएम सदर लौट आए।
उनकी हिम्मत होर्डिगों को हटाने की नहीं हुई। इतना ही निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किए गए होर्डिंगों, पोस्टर, बैनर आदि को नहीं हटाया गया। खास कर अधिकांश होर्डिंग में सत्ता पक्ष के नेताओं की हैं।
यह है नियम
चुनाव प्रचार के लिए किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते, दीवार का उपयोग, झंडा लगाने, झंडियां टांगने, बैनर लगाने जैसे कार्य उस व्यक्ति की अनुमति के बिना नहीं करेंगे और न अपने चुनाव कार्यकर्ताओं को ऐसा करने देंगे। किसी भी शासकीय, सार्वजनिक स्थल, भवन, परिसर में विज्ञापन, वाल राइटिंग नहीं करेंगे। कटआउट, होर्डिंग, बैनर आदि नहीं लगाएंगे और न ही किसी प्रकार से गंदा करेंगे।
वाहनों का हो रहा प्रयोग
जिला पंचायत चुनाव में दावेदारों के आधा दर्जन से अधिक वाहन चल रहे हैं। वाहनों पर पीछे सीसे पर माननीय की फोटो के साथ अपनी फोटो लगाकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लेकिन उसे रोकने वाला कोई नहीं है। एक-एक जिला पंचायत क्षेत्र से दो-से तीन प्रत्याशी सत्ता पक्ष का झंडा बैनर लगा कर चल रहे हैं।
आचार संहिता का पालन कराया जाएगा
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सभी उपजिलाधिकारियों व क्षेत्राधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। सार्वजनिक स्थलों पर लगी होर्डिंगों को हटवाया जाएगा। बिना अनुमति के वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-अजय कुमार उपाध्याय, जिलाधिकारी