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16 ब्लाकों की मनरेगा परियोजनाओं की जांच अब मजिस्टे्रट करेंगे

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गोंडा। मनरेगा योजना में धांधली के खुलासे से जांच दायरा अब बढ़ता जा रहा है। कटरा बाजार की परियोजनाओं की विशेष जांच के साथ ही 16 ब्लॉकों की परियोजनाओं की जांच होगी। 200 करोड़ से अधिक का बजट मनरेगा से जिले में खर्च किया गया है, जिसमें ब्लॉक से संचालित हो रहीं परियोजनाओं के साथ 1054 पंचायतों में हुए खर्च शामिल हैं। जांच मेें दोहरी आईडी बनाने के खेल को पकड़ने के लिए तकनीकी जानकार भी शामिल किए जाएंगे। अपर आयुक्त मनरेगा की जांच में कटरा बाजार में एक ही कार्य की दो-दो आईडी बनाकर अनियमित भुगतान किए जाने की बात सामने आने से खलबली मची है। उन्होंने पूरे जिले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। अब इस पर कार्रवाई शुरू हो गई। इन सभी परियोजनाओं की जांच मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी।
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जिले में दो लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 500 करोड़ से अधिक की मनरेगा योजना तैयार की गई है। इस वित्तीय वर्ष के लिए तय हुए बजट में 200 करोड़ से अधिक का बजट खर्च हो चुका है। इसमें 28 करोड़ से अधिक की योजनाएं तो गो आश्रय स्थल की ही हैं। कटरा बाजार में 22 करोड़ का बजट तय हुआ था, लेकिन मार्च से पहले ही 17 करोड़ से अधिक का बजट खर्च करके ब्लॉक अव्वल हो गया। इसमें संदेह हुआ तो कटरा बाजार में अपर आयुक्त मनरेगा ने जांच की, दो ही गांवों की जांच में 50 लाख के करीब की योजनाओं में हेराफेरी का मामला उजागर हुआ।
इसके बाद मनरेगा घपले की दो एफआईआर कटरा व कौड़िया थाने में दर्ज हुई। इस खुलासे के बाद ग्राम्य विकास विभाग में खलबली मच गई, माना जा रहा है कि मनरेगा में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई है। आधा दर्जन गांवों की जांच में भी गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद सभी 16 विकास खंडों की जांच कराने का फैसला लिया गया है। अब तहसील के उपजिलाधिकारियों की कमेटी मनरेगा योजना की जांच करेंगी। कमेटी में ब्लॉक के अधिकारी के साथ ही तकनीकी अफसर भी शामिल रहेंगे। जिससे मनरेगा में हो रही तकनीकी हेराफेरी का खुलासा हो सके। जांच के दायरे में 16 विकास खंडों की 1054 पंचायतें अब आ जाएंगी। इसी महीने जांच की कार्रवाई शुरू होगी।
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अधिक खर्च करने वाली पंचायतों पर टिकी निगाहें
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता के लिए कई हाईटेक व्यवस्था की गई है। श्रमिकों का ब्यौरा ऑनलाइन होने के साथ ही कार्य स्थल की फोटो अपलोड कराई जाती है। इसके बाद भी हेराफेरी करने वालों ने डबल आईडी तैयार करने का रास्ता निकाल लिया है। इसमें ज्यादा खेल उन पंचायतों में हुई है जहां अधिक बजट अभी ही खर्च हो गया है। जांच में सबसे पहले उन्हीं पंचायतों पर निगाहें टिकी हैं। अपर आयुक्त ने भी ऐसी अधिक खर्च करने वाली भरथा इटहिया व गोड़वा की जांच किया था। इसके अलावा सीडीओ ने तीन गांवों की जांच की थी।
बिना कार्य कराए ही भुगतान निकालने का हो रहा खेल
बिना कार्य कराए ही भुगतान निकालने का खेल कई बार उजागर हो चुका है। कटरा में ही सीडीओ ने 14 परियोजनाओं पर बिना कार्य के भुगतान का मामला पकड़ा था। उन्होंने इसके लिए जांच के आदेश भी दिए थे। इसी के बाद कटरा बाजार शासन के निशाने पर आ गया। जांच में भुगतान के सापेक्ष कार्यों की पड़ताल होगी।
सीडीओ ने मनकापुर व पीडी ने बेलसर ब्लॉक का किया निरीक्षण
मनरेगा गड़बड़ियों की जांच शुरु होने से पहले ब्लाकों की जांच शुरू हो गई है। मुजेहना ब्लॉक की जांच जिला विकास अधिकारी रजत यादव ने किया तो परियोजना निदेशक सेवा राम चौधरी ने बेलसर ब्लॉक की जांच की। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति देखा। सीडीओ आशीष कुमार ने मनकापुर ब्लॉक की जांच की।
मनरेगा कार्यों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कटरा बाजार के मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई है। अन्य ब्लॉकों की जांच के लिए कार्रवाई हो रही है। ब्लॉकों का निरीक्षण ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर की जा रही है। -आशीष कुमार, सीडीओ
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