गोंडा। मेडिकल कॉलेज के क्षेत्रीय निदान केंद्र में रखी 2.5 करोड़ की सीटी स्कैन मशीन करीब दो वर्षों से खराब पड़ी है। इससे सिर के चोट की जांच कराने के लिए मरीजों को लखनऊ रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल से प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों को सीटी स्कैन करानी पड़ती है।
परसपुर के बेलमत्थर निवासी रामावती (74) व मोतीगंज निवासी मिथिलेश मिश्रा (52) को सिर में चोट के चलते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इन्हें डॉक्टर ने लखनऊ से सीटी स्कैन कराने का सुझाव दिया, लेकिन लखनऊ जाने में असमर्थता के कारण जिले के एक निजी सेंटर पर महंगी जांच करानी पड़ी। इसी प्रकार छपिया के महुली निवासी अर्जुन कुमार यादव (36) व उनकी पत्नी आरती देवी को सिर में चोट लगने के कारण भर्ती कराया गया है। इन्हें मेडिकोलीगल करवाने के लिए लखनऊ के सरकारी अस्पताल से सीटी स्कैन कराने का सुझाव दिया गया है। इसी प्रकार प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों को बाहर से जांच करवानी पड़ रही है।
दो साल से खराब पड़ी मशीन
क्षेत्रीय निदान केंद्र में मात्र पांच सौ रुपये शुल्क जमा करवाने के बाद मरीजों का सीटी स्कैन हो जाता था, लेकिन मार्च 2023 में सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई। कई बार मरम्मत का प्रयास किया गया, लेकिन मशीन की खराबी बढ़ती गई। नवंबर 2024 में सीटी स्कैन मशीन की मरम्मत के लिए 85 लाख रुपये का बजट जारी हुआ, लेकिन अभी तक टेंडर नहीं हो सका।
जल्द शुरू होगी मरम्मत
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन की मरम्मत के लिए बजट जारी हुआ है। प्राचार्य से बात कर जल्द ही मरम्मत शुरू कराई जाएगी, जिससे मरीजों को सहूलियत मिल सके।