सिंचाई विभाग के अफसर बांध को बचाने में जुटे हैं
लेकिन बांध में सुधार की गुंजाइश नहीं दिख रही है। स्परों के कटने से बालू से बने बांध के कटने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने गांव छोड़ पलायन शुरू कर दिया है।
मंगलवार को एल्गिन-चरसडी बांध पर गोंडा व बाराबंकी जिले के अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा। बांध को बचाने के लिए हर अधिकारी महज अपने सुझाव देते नजर आ रहे थे। वहीं, ग्रामीण उफान देख गांव से पलायन शुरू कर दिया है। कोई परिवारों को तो कोई जानवरों को लेकर सुरक्षित स्थानों की तरफ जा रहा है। तमाम परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से छप्परों को लाद कर बांध पर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे है।
बांध पर मौजूद एसडीएम वीके सिंह ने बताया कि घाघरा लगातार स्परों में कटान कर रही है। दो स्पर लगभग पूरी तरह कट चुके हैं, जिससे बांध कटने का खतरा बढ़ गया है। आसपास के गांवों में एनाउंसमेंट करा दिया गया है। गांवों को खाली कराया जा रहा है। घाघरा की कटान के आगे प्रशासन की कवायदें फेल होती नजर आ रही हैं।
स्परों से बालू की बोरियां नदी का बहाव कम करने के लिए डाली जा रही हैं मगर तेज धारा के आगे बोरियां भी बह कर नदी में समाती जा रही हैं। बांध के इर्द-गिर्द बसे गांव प्रतापपुर, घरकुंइया, नकहरा, रायपुर, काषीपुर, बमबमपुरवा, सहित कई गांवों में बांध कटने की आशंका पर लोगों में दहशत है।