गोंडा। नए शैक्षिक सत्र से बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान महीनेभर का होमवर्क दिया जाना अनिवार्य किया गया है। गर्मी की छुट्टियों में जहां बच्चे दादी-नानी के घर मस्ती करेंगे, वहीं उन्हें रोजाना दिए गए प्रश्नों को हल भी करना होगा। विभाग की ओर से जारी एकेडमिक कैलेंडर में इस व्यवस्था को शामिल किया गया है, जिससे अवकाश के दौरान भी पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।
जिले के 2609 परिषदीय विद्यालयों में करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। आगामी 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होगा। इससे पहले शिक्षकों को 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। इसी पाठ्यक्रम के आधार पर छात्रों को अवकाश कार्य दिया जाएगा।
इसके साथ ही पांच जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों को व्हाट्सएप के माध्यम से जोड़ा जाएगा और उन्हें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रचनात्मक कार्यों में भाग लेने का मौका मिलेगा।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि सभी शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले बच्चों को होमवर्क उपलब्ध कराएं, ताकि अवकाश के दौरान भी उनकी पढ़ाई प्रभावित न होने पाए।