कचहरी परिसर में जलभराव के चलते परेशान हुए लोग। - संवाद
गोंडा। उमस के बीच मंगलवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई रिमझिम बारिश ने राहत दी। करीब तीन घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश से कचहरी परिसर और आसपास की सड़कों पर जलभराव हो गया। करीब 11 बजे बारिश थमने के बाद भी लोगों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
बारिश से मौसम सुहावना हुआ, लेकिन जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खुल गई। न्यायालय आने वाले वादकारियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। तरबगंज निवासी राजेश ने बताया कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद कचहरी के आसपास जलभराव की समस्या बनी रहती है। अधिवक्ता विनीत ने बताया कि हर बारिश में परिसर में पानी भर जाता है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को भी परेशानी होती है। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में करीब 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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तेज हवा से गन्ने की फसल गिरी
विश्नोहरपुर। तेज हवा और बारिश से क्षेत्र के महंगूपुर, दत्तनगर, साकीपुर समेत करीब एक दर्जन गांवों में गन्ने और चारे की फसल गिर गई। वहीं, 10 दिन से खेतों में पानी भरा होने से धान की फसल गलने लगी है। बाड़ी माझा निवासी फूलचंद यादव ने बताया कि जलस्तर घटने से कटान तो थम गई है, लेकिन खेतों में पानी भरा होने से फसलें सड़ रही हैं।