गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में तीन साल पहले युवक की हत्या कर शव छिपाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय डॉ. दीनानाथ तृतीय ने तीन दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास और 53 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि नाबालिग होने के कारण न्यायालय ने आरोपी लड़की की पत्रावली अलग करके अग्रिम कार्यवाही के लिए किशोर न्याय बोर्ड को भेजी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि सुरेश साहू निवासी अफीम कोठी, नगर कोतवाली ने तीन दिसंबर 2019 को कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि उसके अविवाहित बड़े भाई रमेश गुप्ता 25 नवंबर 2019 की रात से लापता हैं। दो दिसंबर को अफीम कोठी के पीछे कुएं से उनकी लाश मिली। छानबीन में पता चला कि अफीम कोठी के पास एक लड़की से उनका प्रेम प्रसंग था। इससे लड़की के परिवार वाले रंजिश रखते थे। रमेश को रास्ते से हटाने के लिए दीपू व उसके पिता रोहित निवासी अफीम कोठी और अंकित सिंह निवासी रानीपुरवा जानकी नगर ने नशीला पदार्थ खिलाकर रमेश की हत्या करके शव कुएं में फेंक दिया था।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दीपू, रोहित, अंकित सिंह व एक लड़की के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त लड़की के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग करके अग्रिम कार्यवाही के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। जबकि हत्या कर शव छिपाने के अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर अभियुक्त दीपू, रोहित व अंकित सिंह को दोषसिद्ध किया।
सोमवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय डॉ. दीनानाथ तृतीय ने दीपू, रोहित व अंकित सिंह को सश्रम आजीवन कारावास और 53-53 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 फीसदी रकम मृतक के भाई सुरेश साहू को भाई के वियोग में हुई क्षति के रूप में अदा की जाएगी।