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गोंडा: लापरवाह अफसरों पर कब होगी कार्रवाई

Tue, 14 Feb 2023 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा में मनकापुर के सतिया गांव में बच्चों की मौत पर बिलखती मां। -संवाद
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गोंडा। सड़क निर्माण के दौरान सतिया गांव के मजरे डिघिया भरपुरवा में गहरे गड्ढे में दो बच्चों की मौत के मामले में लीपापोती शुरू हो गई है। डीएम ने मामले की जांच के लिए समिति बना दी है। लेकिन घटना के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी के किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कहीं नहीं है। इस बीच ठेकेदार ने अपने कुछ लोगों के जरिए पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये देने का पैतरा भी चला।
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सतिया गांव के डिघिया पूरे भरपुरवा में बन रही सड़क के किनारे मानकों की अनदेखी कर आठ से 11 फुट तक गड्ढे खोदकर मिट्टी निकाली गई थी। मिट्टी इस तरह से निकाली गई कि सड़क के किनारे गहरी खाईं बन गई है। उसी खाई में खेलते समय रविवार को दर्दनाक घटना हुई। पुलिस ने मामले में संयोगवश हुई घटना की रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा और सोमवार को गांव में ही दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया।

दोनों बच्चों की मौत से कंपोजिट विद्यालय पारसापुर थानवा के शिक्षक व बच्चे शोक में डूबे हैं। प्रधानाध्यापक जयकृष्ण दुबे ने बताया कि सोमवार को शिवा व शिवम को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट मौन रखा गया। इसके बाद अवकाश घोषित कर दिया गया।
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दूसरी ओर सोमवार को ठेकेदार ने अपने लोगों को बच्चों के घर भेजकर आर्थिक मदद दिलाई। मृत बच्चों के पिता राम जतन ने बताया कि ठेकेदार राकेश पांडेय ने सोमवार को मेरे व पत्नी ममता के बैंक खाते में दो-दो लाख रुपये सहायता के रूप में भेजे हैं। चार लाख रुपये की मदद दी है।

डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने तरबगंज के एसडीएम शत्रोहन पाठक की अध्यक्षता में सीओ संसार सिंह राठी व अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण खंड की जांच टीम बनाई है। टीम हादसे के कारणों की जांच करने के साथ ही इस बात की भी पड़ताल करेगी कि गड्ढे कितने गहरे थे और सुरक्षा के उपाय किए गए थे या नहीं।

ग्राम सतिया मजरा छोटकी डिघिया भरपुरवा में सड़क के किनारे गड्ढे में गिरकर दो बच्चों की मौत से मातम पसरा है। सोमवार को टिकरी जंगल में बोहिया तालाब के किनारे शिवा (10) व शिवम उर्फ चिद्दि (8) को दफनाते समय पिता राम जनम बिलख रहा था। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष शुक्ल उर्फ थुल्लुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व पुलिस बल मौजूद रहा। घटना के दूसरे दिन सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष पप्पू राजभर आदि ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
मुफलिसी में परिवार किसी तरह मजदूरी कर जीवनयापन कर रहा था। उम्मीद थी कि दोनों बेटे आगे चलकर परिवार का सहारा बनेंगे। मगर मिट्टी की खुदाई ऐसी हुई कि दोनों की जान ही चली गई। पिता राम जतन का तो मानों सपना ही टूट गया। घटना में मृत शिवा व शिवम के पिता रामजतन तीन भाइयों में मंझले हैं। बड़ा भाई रामरतन व छोटा भाई छोटू है। तीनों भाइयों के पास डेढ़-डेढ़ बीघा जमीन है। मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। इस परिवार को अभी तक आवास योजना तक का लाभ नहीं मिला। रामजतन फूस के घर में रहता है।

जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। पूरे मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने पर जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
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