गोंडा। दहेज के लिए पत्नी का उत्पीड़न और हत्या कर शव गड्ढे में छिपाने के मामले में दोषी पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 67 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में सास व ससुर को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दुर्गा बैनिया निवासी श्याम नारायण दूबे ने चार फरवरी 2021 को खरगूपुर थाने में केस दर्ज कराया। इसमें बताया कि उन्होंने 11 दिसंबर 2020 को अपनी बेटी भानुप्रिया उर्फ प्रीति की शादी ग्राम पिपरा बाजार निवासी मुकेश तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति मुकेश, सास रीता देवी, ससुर सुरेश तिवारी उर्फ शांति प्रसाद, ननद साधना, पति के दोस्त रुद्र प्रकाश तिवारी व भांजा बुद्धूलाल दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग को लेकर प्रीति को पीटते व प्रताड़ित करते थे। ससुर सुरेश ने प्रीति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन जानकारी मिल रही है कि पति व ससुराल के लोगों ने उसकी हत्या करके लाश को कहीं फेंक दिया है। विवेचना के दौरान अभियुक्त मुकेश तिवारी की निशानदेही पर पुलिस ने प्रीति का शव खेत में बनाए गए गड्ढे से बरामद किया। दहेज उत्पीड़न व क्रूरता से हत्या कर शव छिपाने के साक्ष्य मिलने पर आरोपी मुकेश तिवारी, रीता देवी व सुरेश तिवारी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल में अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने मुकेश तिवारी को दोषी करार दिया। साक्ष्य के अभाव में सुरेश तिवारी व रीता देवी को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने इसे जघन्य और विरल से विरलतम अपराध माना। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने दोषी अभियुक्त मुकेश तिवारी को दंडित किया।
10जेएनडी10-पिछले दिनों शैटरिंग की दुकान में चोरी करने का आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कै द। स्रोत द
10जेएनडी10-पिछले दिनों शैटरिंग की दुकान में चोरी करने का आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कै द। स्रोत द