गोंडा। कौड़िया थाना क्षेत्र में हत्या कर साक्ष्य मिटाने के 14 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी को उम्रकैद और 53 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि कौड़िया थानाक्षेत्र के ग्राम दुबहा बाजार निवासी बाउर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि गांव के मुहैय्यादीन से रंजिश चल रही थी।
16 जुलाई 2009 को शाम सात बजे वह भाई अब्दुल को कुछ काम बताकर ले गया। करीब साढ़े आठ बजे भाई ने मोबाइल पर कॉल कर कहा कि मुहैय्यादीन ने कुछ आदमियों को जान से मारने के लिए लगा दिया है, जिससे उसकी जान खतरे में है। सुबह उसका शव नेवादा हासिमपुर में शीशम के पेड़ से लटका मिला।
आरोप लगाया था कि भाई को मुहैय्यादीन व उसके साथियों ने मारकर पेड़ पर लटका दिया है। पुलिस ने केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। साक्ष्य के आधार पर अदालत ने मुहैय्यादीन को दोषी करार दिया।
मंगलवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय डाॅ. दीनानाथ तृतीय ने मुहैय्यादीन को आजीवन कारावास और 53 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही दंड की आधी राशि मृतक अब्दुल की पत्नी आसमा को बतौर प्रतिकर देने का फरमान सुनाया।